बेअदबी कानून पर नया विवाद: विधानसभा स्पीकर संधवां आठ मई को श्री अकाल तख्त पर तलब, सीएम मान ने SGPC को घेरा

Editor
3 Min Read

अमृतसर  

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को तलब किया है। यह निर्णय  बेअदबी मामलों में पंजाब सरकार की ओर से बनाए गए कानून पर बुलाई गई बैठक में लिया गया। बैठक में सिख बुद्धिजीवियों, विद्वानों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने भाग लिया। 

जत्थेदार ने कहा कि संधवां 8 मई सुबह 11 बजे अकाल तख्त साहिब में पेश होकर अपना स्पष्टीकरण दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़े किसी भी निर्णय के लिए अकाल तख्त साहिब की स्वीकृति अनिवार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि जागत जोत एक्ट में संशोधन करते समय न तो अकाल तख्त साहिब और न ही एसजीपीसी को विश्वास में लिया गया।

सीएम मान भड़के
वहीं मामले पर मुख्यमंत्री मान ने कहा कि अगर सरकार ने कानून बनाकर दिया है तो आपको उसका स्वागत करना चाहिए था। अब कहते हैं कि एसजीपीसी से पूछे बिना कानून बना दिया। मान ने कहा कि एक परिवार ने एसजीपीसी को दबा कर रखा हुआ है। एसजीपीसी का प्रधान खुद को सुखबीर का सिपाही बताता है।  

बिना विचार विमर्श लागू कानून स्वीकार्य नहीं
जत्थेदार ने कहा कि पंथ बेअदबी के दोषियों को सख्त सजा देने के पक्ष में है, लेकिन धार्मिक परंपराओं से जुड़े मामलों में बिना विचार-विमर्श कानून लागू करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। कुछ प्रावधानों खासकर धार्मिक जानकारी को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर डालने पर भी आपत्ति जताई गई और इसे श्रद्धालुओं की सुरक्षा व निजता के लिए खतरा बताया गया।

बैठक में 2015 से लंबित बेअदबी मामलों और न्याय में देरी पर भी चिंता जताई गई। उन्होंने कहा कि कई सरकारें बदलने के बावजूद मुख्य आरोपियों तक पहुंच नहीं बन पाई। मौड़ मंडी बम कांड के पीड़ितों को न्याय न मिलने पर भी सवाल उठाए गए। सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों की रिहाई का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा।

राजोआणा के मामले में समान मापदंड अपनाने की मांग
बलवंत सिंह राजोआणा के मामले में लंबित याचिका का जिक्र करते हुए समान मापदंड अपनाने की मांग की गई। जत्थेदार ने कहा कि केंद्र ने 2019 में फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने का आश्वासन दिया था जो अब तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पंथ आज भी जगतार सिंह हवारा और दविंदरपाल सिंह भुल्लर समेत अन्य बंद सिखों के साथ खड़ा है।

बैठक में बुढ्ढा दल, तरना दल, दमदमी टकसाल, निर्मले, उदासी और मिशनरी कालेजों सहित विभिन्न संप्रदायों ने एकजुटता दिखाई। जत्थेदार ने चेतावनी दी कि पंथ की सहमति के बिना गुरु साहिब से जुड़े मामलों में कोई भी कानून लागू नहीं होने दिया जाएगा। 

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live