बिहार में रोजगार बढ़ाने पर जोर, छोटे उद्योगों के लिए अगले बजट में मिल सकता है विशेष फंड

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पटना
बिहार में रोजगार बढ़ाने के लिए अब सरकार छोटे उद्योगों पर फोकस करेगी। इसके लिए अगले साल के बजट में विशेष फंड मिल सकता है। ‘दोगुना रोजगार-दोगुनी आय’ का लक्ष्य हासिल करने पर राय देने के लिए गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट सम्राट सरकार को सौंप दी। यह कमेटी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में गठित की गई थी। रिपोर्ट में छोटे उद्योगों के विस्तार के जरिए रोजगार और लोगों की आय में बढ़ोतरी करने की सिफारिश की गई है। साथ ही अगले पांच सालों तक जीएसडीपी (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) कम से कम 16 फीसदी पर बरकरार रखने और क्षेत्रीय असमानता दूर कर संतुलित विकास पर जोर दिया गया है।

कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव नवीन कुमार ने रिपोर्ट डिप्टी सीएम सह वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को सौंपी। अब वित्त विभाग इस रिपोर्ट पर अमल करते हुए आगामी बजट में इसके प्रावधानों के लिए राशि का प्रबंध करेगा। कमेटी के अध्यक्ष नवीन कुमार ने कहा कि साल 2015 में सात निश्चय लॉन्च किया गया। दो निश्चय की सफलता के बाद पिछले साल सात निश्चय-तीन में सरकार ने दोगुना रोजगार-दोगुनी आय का लक्ष्य तय किया है। इसे हासिल करने के लिए यह जरूरी है कि राज्य की जीडीपी 16 फीसदी पर बरकरार रहे।

कमेटी ने कहा कि दो दशक में बिहार ने तेजी से तरक्की हासिल की है। औसतन बिहार की विकास दर 13.7 फीसदी रही है। 2022-23 में बिहार की जीडीपी 17.9 फीसदी तक भी गई थी। इसलिए यह जरूरी है कि राज्य में बड़े उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा मिले। वित्त सचिव रचना पाटिल की मौजूदगी में इस कमेटी ने कहा कि किसी एक क्षेत्र पर ध्यान देने के बजाए समग्रता में काम करना होगा।

नीतीश कुमार ने बनाई थी कमेटी
पिछले साल तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय-3 की घोषणा की थी। इसमें दिए गए ‘दोगुना रोजगार-दोगुनी आय’ के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बिहार के पूर्व मुख्य सचिव नवीन कुमार की अध्यक्षता में त्रि-सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। जनवरी 2026 में गठित इस कमेटी में सांख्यिकी मंत्रालय के सचिव रहे टीसीए अनंत और आईआईएम अहमदाबाद के प्रो संकेत महापात्रा भी शामिल हैं।

डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से गठित इस कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार अमल करेगी। बजट में राशि का इंतजाम होगा। आंकड़ों के आधार पर सभी जिलों की निगरानी होगी। कृषि, जल प्रबंधन, बिजली और कम्युनिकेशन पर सरकार का फोकस है।

उन्होंने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीति बनाई गई है। कई बड़ी परियोजनाएं आने वाली हैं। इससे दोगुना रोजगार-दोगुनी आय को हासिल करने में सफलता मिलेगी

कमेटी की प्रमुख अनुशंसाएं
    बड़े उद्योग स्थापित करने की योजना पर काम करना होगा
    छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीति बनाने की जरूरत है
    हर जिले की विशिष्ट योजना बने, ताकि जीडीपी में भागीदारी बढ़े
    उद्योग लगाने के लिए प्रक्रिया को और सरल बनाया जाए
    सूक्ष्म उद्योगों की मंजूरी जिला और प्रमंडल स्तर पर ही मिले
    जीविका समूह को शासन में भागीदारी देने पर विचार हो।

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