अमित शाह का कांग्रेस पर हमला, बोले- सिख नरसंहार के दिन रैली कर जख्मों पर नमक छिड़का

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चंडीगढ़.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ से पंजाब की राजनीति को भी साधने की कोशिश की। उन्होंने 1984 के सिख नरसंहार का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। शाह ने कहा कि जिस एक नवंबर को दिल्ली में हजारों सिखों की निर्मम हत्या की गई थी, उसी दिन कांग्रेस की ओर से दिल्ली में रैली आयोजित करना सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।

उन्होंने कहा कि पंजाब और देश के लोग इस घटना को कभी नहीं भूल सकते। सेक्टर-17 स्थित तिरंगा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने कहा कि 1984 में कई सिख परिवार उजड़ गए, बच्चे अनाथ हुए और महिलाएं विधवा हो गईं। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के 'बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है' वाले बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति के कारण हजारों सिखों की निर्मम हत्या हुई थी और आज राहुल गांधी उसी तारीख को दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित कर दंगा पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं. चंडीगढ़ में तिरंगा पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 1 नवंबर 1984 को कांग्रेस पार्टी की ओर से भड़काए गए दंगों के दौरान दिल्ली में हजारों सिखों की बेरहमी से हत्या की गई थी. हजारों लोगों को जिंदा जला दिया गया. अनेक सिखों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा. कई बच्चे अनाथ हो गए, महिलाओं ने अपने पति खो दिए और हजारों परिवारों के घर तबाह हो गए.

'बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है' सिख दंगों का जिक्र कर राहुल पर बरसे शाह
उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उनका वह बयान आज भी याद है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है. शाह ने कहा कि हजारों सिखों के नरसंहार को इस तरह बयान करने का साहस केवल कांग्रेस के नेता ही कर सकते थे. गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद दंगों से जुड़े मामलों को दोबारा खोला गया. पीड़ितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई और कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को जेल के पीछे पहुंचाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि देश ने राजनीतिक पार्टी की ओर से इस तरह प्रायोजित दंगे पहले कभी नहीं देखे थे.

गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की दिल्ली में आयोजित रैली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि राहुल गांधी उस समय छोटे थे और शायद उन्होंने इतिहास नहीं पढ़ा होगा, इसलिए उन्हें 1984 के दंगों की तारीखों की जानकारी नहीं होगी. शाह ने कहा कि भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कांग्रेस से अपील की थी कि 1, 2 और 3 नवंबर को रैली आयोजित न की जाए, क्योंकि ये वही तारीखें हैं जब सिख विरोधी दंगे हुए थे. इससे सिख समुदाय के लोगों, माताओं, बहनों और बच्चों की भावनाएं आहत होंगी. इसके बावजूद कांग्रेस ने रैली आयोजित करने का फैसला नहीं बदला.

उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश से निर्देश मिलने के बाद उसी दिन रैली आयोजित करने का फैसला किया गया, जिस दिन हजारों सिखों को जिंदा जलाया गया था. शाह ने कहा कि गुरुओं की इस धरती से वह कांग्रेस की इस कोशिश की कड़ी निंदा करते हैं. भारत और पंजाब इस घटना को कभी नहीं भूल सकते. गृह मंत्री ने दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर व्यापारियों की परेशानी का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के व्यापारियों ने कांग्रेस से रैली की तारीख बदलने की अपील की थी. व्यापारियों का कहना था कि दिवाली के दौरान साल में कुछ ही दिन ऐसे होते हैं, जब उनका कारोबार सबसे अच्छा चलता है.

उन्होंने कहा कि व्यापारी मिठाइयों, पटाखों और बच्चों के नए कपड़ों का स्टॉक तैयार करते हैं. यदि यह सामान नहीं बिकता है तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है. उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों से लोग दिवाली की खरीदारी के लिए दिल्ली के थोक बाजारों में आते हैं. शाह के मुताबिक, इन तीन से चार दिनों में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है. व्यापारियों ने तीन बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की, पत्र लिखे और बार-बार अपील की कि रैली दिवाली के बाद आयोजित की जाए. इसके बावजूद कांग्रेस ने तारीख नहीं बदली.

गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है. अनुच्छेद 370 हटाया गया, नक्सलवाद को समाप्त किया गया और तीन तलाक को खत्म किया गया. उन्होंने कहा कि उनकी बात याद रखिए, 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब सहित पूरे देश को नशामुक्त कर दिया जाएगा. उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए देश को नशामुक्त बनाने का संकल्प दोहराया.

गृह मंत्री ने चंडीगढ़ के विकास को लेकर भी बड़ा भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बाद प्रशासक गुलाब चंद कटारिया चंडीगढ़ की तीन बड़ी समस्याओं के समाधान के बारे में जानकारी देंगे. ये समस्याएं पिछले 30 से 40 वर्षों से लंबित हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार चंडीगढ़ को देश की नंबर एक प्रशासनिक इकाई बनाने के लिए काम करेगी. इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ में 258 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इसके बाद उन्होंने तिरंगा पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित किया.

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