योगी सरकार ने बिजली आपूर्ति में रचा इतिहास, 32348 मेगावाट मांग पूरी कर बनाया राष्ट्रीय कीर्तिमान

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योगी सरकार ने बिजली आपूर्ति में रचा इतिहास, 32348 मेगावाट मांग पूरी कर बनाया राष्ट्रीय कीर्तिमान
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लखनऊ. 
उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करते हुए देशभर में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने 21 जून को रात 10:48 बजे 32,348 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग की सफल एवं निर्बाध पूर्ति कर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश में अब तक की सर्वाधिक पीक पावर डिमांड पूरी करने वाला राज्य बन गया है। इससे पहले 13 मई 2026 को महाराष्ट्र ने 32,317 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग पूरी कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। 

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में बिजली व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए गए हैं। 21 जून को रात 10:48 बजे 32,348 मेगावाट रिकॉर्ड पीक डिमांड आपूर्ति की गई है। जोकि अब तक के इतिहास में सबसे अधिक है। यूपी पीक डिमांड बिजली आपूर्ति करने में लगातार सबसे आगे हैं। 20 जून को यूपी में 31549 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई। 19 जून को भी प्रदेश में 30968 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई थी। इससे पहले 24 मई को यूपी में सबसे अधिक 31824 मेगावाट पीक डिमांड बिजली आपूर्ति की गई थी। साल 2025 में 11 जून को 31486 मेगावाट पीक डिमांड बिजली आपूर्ति की गई थी। इस तरह 21 जून 2026 को डिमांड बिजली आपूर्ति ने अभी तक के सभी रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।

प्रचंड गर्मी में बिजली की मांग चरम पर
यूपी जैसे विशाल राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति करना एक बड़ी चुनौती रही है। लेकिन योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों और प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया है। प्रदेश में बिजली अवसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार नए उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं। ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है और पुराने उपकरणों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया गया है। उत्तर प्रदेश ने रिकॉर्ड मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर यह साबित कर दिया है कि प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था अब पहले से कहीं अधिक मजबूत और सक्षम हो चुकी है।

बिजलीकर्मी दिन-रात फील्ड में डटे
प्रदेश भर में बिजलीकर्मी दिन-रात मैदान में डटे हुए हैं। चाहे तूफानी रात हो, भारी बारिश हो या चिलचिलाती गर्मी, बिजलीकर्मी हर परिस्थिति में उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और सुचारु बिजली आपूर्ति करने में जुटे हैं। रात्रिकालीन मेंटेनेंस कार्यों के माध्यम से विभिन्न जिलों में बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों और उपकेंद्रों की नियमित जांच की जा रही है। ट्रांसफार्मरों की सुरक्षित और प्रभावी कार्यप्रणाली बनाए रखने के लिए उनकी अर्थिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभागीय टीमों द्वारा नियमित रूप से अर्थिंग में पानी डालकर सिस्टम को सुरक्षित और स्थिर रखा जा रहा है।

उपकेंद्रों का अधिकारी कर रहे लगातार निरीक्षण
प्रदेश भर में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उपकेंद्रों का निरीक्षण भी लगातार किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं को हर स्थिति में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। शिकायतों के त्वरित निस्तारण और फील्ड रिस्पॉन्स टाइम को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि 32,348 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग की सफल पूर्ति उत्तर प्रदेश के बिजली क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। 

रोस्टर से अधिक बिजली आपूर्ति की जा रही
चेयरमैन डॉ. गोयल ने कहा कि प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं तक निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यूपीपीसीएल के निदेशक वितरण ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बताया कि रोस्टर से अधिक बिजली आपूर्ति की जा रही है। पूरे प्रदेश में ब्रेक डाउन में आये फीडरों को छोड़कर अन्य कार्यों के लिए शटडाउन लेने पर रोक लगाई गई है। उन्होंने बताया कि फीडरों के शटडाउन के लेने के लिए अधिशाषी अभियंताओं को अधिकृत किया गया है। जिससे शटडाउन महत्वपूर्ण व आवश्यक है, यह सुनिश्चित किया जा सकें।

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