हरियाणा में महिला सशक्तीकरण को नई उड़ान, 23.30 लाख परिवारों की मुखिया बनीं महिलाएं

Editor
2 Min Read
हरियाणा में महिला सशक्तीकरण को नई उड़ान, 23.30 लाख परिवारों की मुखिया बनीं महिलाएं
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

चंडीगढ़.

हरियाणा में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) योजना केवल एक डिजिटल डाटाबेस नहीं, बल्कि महिला सशक्तीकरण, पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। राज्य में कुल 77.50 लाख परिवार पहचान पत्र में पंजीकृत हैं, जिनमें से 23.30 लाख परिवारों की मुखिया महिलाएं हैं।

यह कुल परिवारों का लगभग 30.07 प्रतिशत है, जो महिलाओं की बढ़ती सामाजिक भागीदारी और नेतृत्व क्षमता की तरफ इशारा कर रहा है। पीपीपी के स्टेट कॉर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला के अनुसार परिवार पहचान पत्र लगभग 2.99 करोड़ नागरिकों का एकीकृत डिजिटल रिकार्ड तैयार कर चुका है, जिससे सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचना सुनिश्चित हुआ है।

महिला मुखिया परिवारों की संख्या में फरीदाबाद सबसे आगे
महिला मुखिया परिवारों की संख्या में फरीदाबाद सबसे आगे है, जहां 1.61 लाख से अधिक परिवारों की मुखिया महिलाएं हैं। इसके बाद करनाल (1.41 लाख), सोनीपत (1.29 लाख), जींद (1.23 लाख) और गुरुग्राम में (1.22 लाख) परिवारों की मुखिया महिलाएं हैं। राज्यभर में कुल 23 लाख 30 हजार 394 परिवारों में महिलाओं को परिवार के मुखिया के रूप में दर्ज किया गया है। डॉ. सतीश खोला के अनुसार परिवार पहचान पत्र की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक व्यापक पारिवारिक संरचना है। इस प्रणाली में 105 प्रकार के रिश्तों को दर्ज करने की सुविधा है, जिससे परिवारों का वास्तविक और सटीक डिजिटल रिकार्ड तैयार किया जा रहा है। इससे सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की पहचान अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से संभव हो रही है।

पीपीपी के माध्यम से आय, परिवार संरचना और अन्य आवश्यक जानकारियों का डिजिटल सत्यापन होने से नागरिकों को विभिन्न विभागों में बार-बार दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
सतीश खोला ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने परिवार पहचान पत्र में दर्ज जानकारी को समय-समय पर अपडेट करते रहें, ताकि सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ उन्हें निर्बाध रूप से मिलता रहे।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *