20 साल बाद पांचना बांध से छोड़ा गया पानी, 21 गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ

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जयपुर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश और लगातार मॉनिटरिंग के बाद पांचना समझौते के तहत जल प्रवाहित कर दिया गया. जल प्रवाह के दौरान आई तकनीकी खामी को दूर करने के लिए जल संसाधन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें पूरी रात मौके पर जुटी रहीं. स्थिति की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया और जल संसाधन विभाग तथा एसडीआरएफ की तकनीकी टीमों को मौके पर लगाया. मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने युद्ध स्तर पर पूरी रात तकनीकी खामी को दूर करने का काम किया.

सभी गेट खोल दिए गए
लिफ्ट, कैनाल और नदी की ओर निर्धारित सभी गेट खोले गए. जिस गेट में तकनीकी दिक्कत आ रही थी, उसे भी मंगलवार तड़के सुबह 4:50 बजे सफलतापूर्वक खोल दिया गया. इसके लिए पूरी रात टीमें लगातार काम करती रहीं. भरतपुर, बीसलपुर और मथुरा से विशेषज्ञों को भी बुलाया गया था.  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिल्ली प्रवास के दौरान भी पूरे घटनाक्रम की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे, और अधिकारियों से नियमित फीडबैक लेते रहे.

अधिकारियों के अनुसार जिन गेटों में करीब 20 वर्षों से तकनीकी खामी के कारण संचालन में दिक्कत आ रही थी, उन्हें भी इस अभियान के दौरान खोल दिया गया, जिससे पांचना समझौते के तहत जल प्रवाह सुनिश्चित हो सका.

20 साल बाद पानी की निकासी शुरू
राजस्थान के करौली जिले में पांचना बांध है. 20 साल बाद पानी की निकासी शुरू हो गई है. सोमवार दोपहर 12 बजे मंत्री सुरेश रावत और गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पहले गेटों का पूजन किया. इसके बाद बटन दबाकर पांचना बांध से गंभीर नदी, कमांड क्षेत्र की नहरों और गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के लिए एक साथ पानी छोड़ा.

21 राजस्व गांवों के किसानों को होगा फायदा
61 करोड़ रुपये की लागत वाली गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के जीर्णोद्धार और दो नवीन लिफ्ट परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया. बांध से पानी छोड़े जाने के बाद 21 राजस्व गांवों के किसानों को फसल की सिचाई का फायदा होगा. पांचना बांध से पानी छोड़े से जाने के बाद कुछ किसानों में खुशी दिखी. 

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