खगड़िया के नए महासेतु पर दिसंबर 2027 से दौड़ेंगी गाड़ियां, गंगा पार करने के लिए नाव पर निर्भरता होगी खत्म

Editor
2 Min Read
खगड़िया के नए महासेतु पर दिसंबर 2027 से दौड़ेंगी गाड़ियां, गंगा पार करने के लिए नाव पर निर्भरता होगी खत्म
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

खगड़िया.

अगुवानी-अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज) के बीच गंगा नदी पर निर्माणाधीन महासेतु का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। मालूम हो कि इस महासेतु का निर्माण कार्य बीच-बीच में कई कारणों से कई बार रुका, लेकिन अब निर्बाध रूप से निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

विभाग का दावा है कि दिसंबर 2027 में इस महासेतु होकर आवागमन आरंभ हो जाएगा।इसके बाद स्थानीय निवासियों को नाव से गंगा पार नहीं करना पड़ेगा। बिहार के उत्तर और दक्षिण हिस्सों के बीच आवागमन और अधिक सुगम होगा। जिससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी नया आयाम मिलेगा। फिलहाल, गंगा की मुख्य धारा में तीन अलग-अलग स्थानों पर वैल कैप निर्माण का कार्य जारी है। निर्माण स्थल पर भारी मशीनों की मौजूदगी है।

विभिन्न चरणों का काम एक साथ संचालित किया जा रहा है। कहीं पिलर संरचना के लिए कटिंग का कार्य हो रहा है, तो कहीं सरिया बांधने और कंक्रिटिंग की तैयारियां चल रही हैं। निर्माण कार्य की निगरानी कई इंजीनियर कर रहे हैं। निर्माण कंपनी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन के अधिकारियों का दावा है कि आधुनिक तकनीक और भारी मशीनों की मदद से कार्य को गति दी जा रही है। निर्माण कंपनी से जुड़े अधिकारियों ने दावा किया है कि गंगा के उफान पर रहने और बाढ़ के समय भी महासेतु का कार्य नहीं रुकेगा।

मालूम हो कि निर्माणाधीन महासेतु की लंबाई करीब 3.160 किलोमीटर है। जबकि एप्रोच पथ की लंबाई करीब 25 किलोमीटर है। एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. संजय कुमार ने कहा कि गंगा की मुख्य धारा में युद्धस्तर पर निर्माण कार्य चल रहा है और बाढ़ के समय भी कार्य जारी रहेगा।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *