अमेरिका का ईरान पर सबसे बड़ा हमला! 90 ठिकाने तबाह, IRGC को भारी नुकसान, रेलवे ब्रिज ध्वस्त-चाबहार की बिजली गुल

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अमेरिका का ईरान पर सबसे बड़ा हमला! 90 ठिकाने तबाह, IRGC को भारी नुकसान, रेलवे ब्रिज ध्वस्त-चाबहार की बिजली गुल
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वॉशिंगटन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर विध्वंसक हमले की धमकी दी थी. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि बुधवार की रात ईरान पर अब तक का सबसे विध्वंसक हमला किया जा सकता है. अब अमेरिकी सेना ने इरान पर हमला बोल दिया है. अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास और सीरिक समेत कई इलाकों में हमले किए हैं। 

इन दोनों इलाकों में तेज धमाकों की आवाज सुनी जा रही है. ईरानी समाचार एजेंसी मिजान के मुताबिक बंदर अब्बास के साथ ही सीरिक में भी तेज धमाकों की आवाज सुनी गई है. ईरानी समाचार एजेंसी मेहर ने भी बंदर अब्बास में धमाकों की पुष्टि की है. मेहर की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को ईरान पर अमेरिकी हमले में दो मछुआरों की मौत हो गई है। 

ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के मुताबिक चाबहार, कोनारक के करीब भी तेज धमाकों की आवाज सुनी गई है. ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम भी एक्टिव हो गया है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक ताजा हमलों के बाद चाबहार के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है. वहीं, ईरान के अक्काला में अमेरिका ने रेलवे ब्रिज उड़ा दिया है। 

ईरान की सरकारी प्रेस टीवी के मुताबिक अबू मूसा द्वीप पर कुल 10 धमाके हुए हैं. चाबहार और कोनारक में भी 10 धमाकों की आवाज सुनी गई है. चाबहार में एक अस्पताल पर दागे गए हथियार का मलबा गिरा है और अमेरिकी हमले से शहीद बेहेश्ती पोर्ट, कलंतरी पोर्ट और समुद्री यातायात नियंत्रण टावर को भी नुकसान पहुंचा है. बंदर अब्बास में आठ और सीरिक में तीन धमाके हुए हैं। 

प्रेस टीवी के मुताबिक बुशेहर में भी दो प्रोजेक्टाइल गिरे हैं और जास्क में भी कई धमाके हुए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर चाबहार में हमले के बाद उठती आग की लपटों की तस्वीर शेयर किया है. उन्होंने यह तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है कि ये कल ईरान की ओर से जहाजों पर किए गए हमले का जवाब है. उन्होंने धमकी भरे अंदाज में आगे लिखा कि ऐसी कार्रवाई अगर दोबारा हुई, तो जवाब इससे भी कहीं अधिक गंभीर होगा। 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने हमलों की पुष्टि की है. सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू कर दी है. अमेरिकी सेना ने कहा है कि ये हमले होर्मुज में आवाजाही की आजादी के लिए खतरा पैदा करने की ईरानी क्षमता को और कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं। 

ट्रंप ने दी थी विध्वंसक हमले की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर विध्वंसक हमले की चेतावनी देते हुए कहा था कि हम उनको जोरदार जवाब देंगे. टर्की में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्डोमिर जेलेंस्की से मुलाकात के पहले ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए इस बात के संकेत दे दिए थे कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा. नाटो ने भी अमेरिका के सैन्य एक्शन का समर्थन कर दिया है। 

अमेरिका और ईरान के बीच अब तक क्या-क्या हुआ, जानें बड़ी बातें

अमेरिका-ईरान ने एक-दूसरे पर नए हमले किए हैं, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया है, जबकि ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है. जानें अब तक इस ताजा हमले में क्या-क्या हुआ…

अमेरिका और ईरान के बीच अब तक क्या-क्या हुआ. जानिए बड़ी बातें
– अमेरिका ने लगातार दूसरी रात ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए। 

– CENTCOM के मुताबिक, इन हमलों का मकसद होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की हमले की क्षमता को कमजोर करना है। 

– अमेरिका ने दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। 
– हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, निगरानी ठिकाने, मिसाइल और ड्रोन साइट, नौसैनिक ठिकाने और सैन्य लॉजिस्टिक्स को निशाना बनाया गया। 

– ईरानी मीडिया के मुताबिक, बंदर अब्बास, बुशेहर, चाबहार, कोनारक, ईरानशहर, सिरिक, जास्क, अबू मूसा द्वीप, क़ेश्म द्वीप और अककला समेत कई शहरों में धमाके हुए। 

– ईरानशहर में एयरपोर्ट की एक सुविधा पर हमला हुआ, जिसमें कम से कम एक फायरफाइटर की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। 
– चाबहार में दो डॉक, समुद्री ट्रैफिक कंट्रोल टावर और एक डिपो को नुकसान पहुंचा. इमाम अली अस्पताल भी हमले की चपेट में आया और कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। 
– अककला में आक टेका खान रेलवे ब्रिज पर हमला हुआ। 
– बुशेहर प्रशासन ने कहा कि वहां के परमाणु बिजली संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। 
– जवाबी कार्रवाई में IRGC ने कुवैत के Camp Arifjan और Ali Al Salem एयरबेस, साथ ही बहरीन के Juffair और Sheikh Isa बेस को निशाना बनाने का दावा किया। 
– बहरीन और कुवैत के सरकारी मीडिया के मुताबिक, दोनों देशों में सुरक्षा सायरन बजाए गए। 

ईरान में 90 ठिकानों पर US ने किए हमले
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान में एक और बड़े सैन्य अभियान के तहत करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इन हमलों का मकसद ईरान की होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों और आम नागरिकों के जहाजों पर हमला करने की क्षमता को कमजोर करना है। 

CENTCOM ने कहा कि हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी ठिकाने, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट, नौसैनिक क्षमताओं और सैन्य लॉजिस्टिक्स से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया. इससे एक दिन पहले भी अमेरिका ने ईरान में 80 से ज्यादा ठिकानों पर हमला करने का दावा किया था। 

अमेरिका ने मशहद जाने वाले दो ब्रिज को तबाह किया

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिका ने अपने ताजा हमलों में ईरान के पूर्वी हिस्से में मशहद जाने वाले दो अहम पुलों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया. IRGC का आरोप है कि यह हमला दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम विदाई समारोह को प्रभावित करने की कोशिश है। 

IRGC ने कहा कि "अमेरिका की यह आक्रामक कार्रवाई बिना जवाब के नहीं छोड़ी जाएगी." IRGC ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई के पहले चरण में उसकी नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर संयुक्त मिसाइल और ड्रोन हमला किया। 

 IRGC कुवैत-बहरीन में दागे ड्रोन-मिसाइल
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है. IRGC ने इसे अमेरिका की कार्रवाई के जवाब में "सजा देने वाली जवाबी कार्रवाई का पहला चरण" बताया है। 

IRGC का आरोप है कि अमेरिका ने अपने वादों का उल्लंघन किया और ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों के साथ पूर्वी ईरान के दो पुलों पर हमला किया. इसके बाद नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने मिलकर यह ऑपरेशन शुरू किया। 

IRGC ने दावा किया कि कुवैत के आरिफजान और अली अल सलेम, जबकि बहरीन के जुफैर और शेख ईसा स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. साथ ही चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने आगे और हमले किए तो क्षेत्र में मौजूद दूसरे अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा। 

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