पटना यूनिवर्सिटी में मचा हड़कंप, इकबाल हॉस्टल से मिले जिंदा बम

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पटना.

राजधानी स्थित पटना विश्वविद्यालय में सोमवार देर रात बड़ी घटना पुलिस की सतर्कता से टल गई। विश्वविद्यालय के चर्चित इकबाल हॉस्टल से पुलिस ने दो जिंदा सुतली बम बरामद किए हैं। समय रहते कार्रवाई करते हुए बम स्क्वॉड ने दोनों बमों को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया।

घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार पुलिस ने पीरबहोर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बम किसने और किस मकसद से हॉस्टल परिसर में छिपाकर रखा था। पूर्व की घटनाओं को लेकर पु‍लिस सतर्क है।   

बमबाजी की आशंका पर कार्रवाई
जानकारी के अनुसार पीरबहोर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि विश्वविद्यालय के कुछ छात्र गुटों के बीच तनाव बढ़ गया है और आपसी रंजिश में हिंसक झड़प या बमबाजी की घटना हो सकती है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अलर्ट मोड में आ गई। इसके बाद देर रात इकबाल हॉस्टल में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान हॉस्टल की आवासीय इमारत के पीछे स्थित एक पुराने भवन में प्लास्टिक में लपेटकर छिपाए गए दो जिंदा सुतली बम बरामद हुए।

कई छात्रावासों में चला सर्च ऑपरेशन
घटना के बाद टाउन डीएसपी-1 राजेश रंजन के नेतृत्व में पुलिस ने विश्वविद्यालय के अन्य छात्रावासों- जैक्सन, कैवेंडिश, मिंटो और नदवी हॉस्टल- में भी तलाशी अभियान चलाया। हालांकि अन्य जगहों से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। पुलिस ने एहतियातन विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों की सुरक्षा बढ़ा दी है। कैंपस में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

पहले भी हो चुकी हैं बमबाजी की घटनाएं
पटना विश्वविद्यालय के छात्रावासों में इससे पहले भी कई बार हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी वर्ष जनवरी में हथुआ हॉस्टल से करीब 40 सुतली बम बरामद किए गए थे। वहीं वर्ष 2022 में पटेल छात्रावास से बम बनाने की सामग्री मिली थी। साल 2023 में भी विभिन्न हॉस्टलों के छात्रों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें बमबाजी की घटनाएं सामने आई थीं। उस मामले में 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और विश्वविद्यालय परिसर में आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत पूछे जाने पर पटना विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. सूरज देव सिंह ने कहा कि इस घटना की जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक लिखित जानकारी कॉलेज से नहीं दी गई है। पुलिस के स्तर पर जांच चल रही है।

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