विश्वविद्यालय ज्ञान के प्रकाश पुंज, उत्कृष्टता के लिए करें कार्य: राज्यपाल

Editor
5 Min Read
विश्वविद्यालय ज्ञान के प्रकाश पुंज, उत्कृष्टता के लिए करें कार्य: राज्यपाल
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

 जयपुर
राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि अच्छी शिक्षा देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता कैसे बढ़े, इस पर भी विशेष रूप से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों में नैतिकता और सहनशीलता के गुण विकसित करने पर विशेष ध्यान दे।  उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के प्रकाश पुंज होते है। ज्ञान का पूरे समाज में प्रसार यहीं से होता है। इसलिए उन्हें उत्कृष्ट बनाने लिए सभी मिलकर कार्य करें।

राज्यपाल श्री बागडे रविवार को लोकभवन से महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के 23 वें स्थापना दिवस पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज का स्मरण करते हुए कहा कि वह विरले संत थे। उनके नाम पर विश्वविद्यालय में भवन निर्माण अच्छी पहल है। वह ऐसे संत थे जो प्रचार प्रसार से दूर रहते थे। उन्होंने कभी अपनी फोटो तक नहीं खिंचवाई। अपने चरण छूने से भी वह मना करते थे। ऐसे आदर्श संतों से प्रेरणा लेनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि ऐसे ही एक महापुरुष गीता प्रेस के जरिए देश में संस्कृति और संस्कारों के प्रसार की अभूतपूर्व भूमिका निभाने वाले  हनुमान प्रसाद पोद्दार जी थे।  गोविंद वल्लभ पंत जी उन्हें भारत रत्न पुरस्कार देना चाहते थे और परन्तु उन्होंने लेने से मना कर दिया।

श्री बागडे ने विश्वविद्यालय भवनों का नाम संत, महात्माओं के नाम पर किए जाने की सराहना की परंतु यह भी कहा कि जिन महापुरुषों, संतों के नाम पर भवनों के नाम रखे गये हैं, उनके बारे में संक्षिप्त और सार्थक परिचय पुस्तिका भी प्रकाशित हो ताकि नई पीढ़ी को उनके बारे में निरंतर जानकारी मिलती रहे। उन्होंने कहा कि बीकानेर में महाराजा गंगासिंह जी के समय खेजड़ी को काटने पर रोक का कानून बना था। राज्य सरकार ने भी खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून बनाया है। लोकभवन स्तर पर पिछले वर्ष सर्वपल्ली राधाकृष्ण आयुर्वेद विश्वविद्यालय में 300 से अधिक खेजड़ी के पेड़ लगाए गए। हमारा प्रयास है कि खेजड़ी का एक ऐसा पार्क विकसित किया जाए ताकि इस मरुभूमि के कल्पवृक्ष के बारे में जागरूकता का प्रसार हो। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की इस वृक्ष से इसीसे और निकटता होगी।

राज्यपाल ने गंग नहर निर्माण शताब्दी वर्ष पर जल संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पानी की बचत ही इसका निर्माण है। पानी बचाने के लिए जागरूकता का प्रसार होना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा राजस्थान के पारंपरिक पेड़ पौधों और जल संरक्षण से जुड़ी संस्कृति से जुड़ी किसी परियोजना पर कार्य करने की भी आवश्यकता जताई।

केंद्रीय विधि एवं कानून मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का आदर्श केंद्र बने। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का जो संकल्प देश के प्रधानमंत्री की पहल पर लिया गया है, उसकी पूर्ति युवाओं के कंधों पर है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में ज्ञान परंपरा के आलोक में भारतीय संस्कृति से जुड़े मूल्यों पर कार्य करने की आवश्यकता जताई।

उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि  गंगनहर योजना के शताब्दी वर्ष पर जल संरक्षण के महती काम आरंभ हुए हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा में राजस्थान में किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी और कहा कि सरकार का प्रयास है कि उच्च शिक्षा गुणवत्ता और प्रसार में राजस्थान अग्रणी बने।
इससे पहले कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने विश्वविद्यालय गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री बागडे ने विश्वविद्यालय में परीक्षा केंद्र, आचार्य तुलसी भवन, विज्ञान भवन, करणी भवन, कला भवन, रामसुखदास जी भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने राजस्थान नॉलेज कॉर्पोरेशन के साथ विश्वविद्यालय के हुए एमओयू के लिए बधाई दी और कहा कि इससे विद्यार्थियों को सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के नवीनतम ज्ञान, कौशल विकास का लाभ मिलेगा।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *