केन्द्रीय ऊर्जा सचिव अग्रवाल ने की आरडीएसएस कार्यों की समीक्षा

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केन्द्रीय ऊर्जा सचिव  अग्रवाल ने की आरडीएसएस कार्यों की समीक्षा
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भोपाल 

भारत सरकार के ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत संचालित आरडीएसएस कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में स्मार्ट मीटरिंग, फीडर सेपरेशन, पीएम कुसुम योजना, वन क्षेत्र विद्युत अधोसंरचना तथा डिजिटल विद्युत प्रबंधन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

ऊर्जा सचिव  अग्रवाल ने निर्देश दिए कि कंपनी क्षेत्र में शेष अविद्युतीकृत घरों का सर्वे शीघ्र पूर्ण कर उनका डेटा तैयार किया जाए तथा डीपीआर को अंतिम रूप देकर प्रस्ताव तैयार किए जाएं, जिससे पात्र घरों तक विद्युत सुविधा पहुंचाई जा सके।

 अग्रवाल ने आरडीएसएस योजना अंतर्गत फीडर सेपरेशन में शामिल 874 फीडरों को पीएम कुसुम योजना से जोड़कर लाभान्वित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही वन्य जीव अभयारण्य क्षेत्रों से गुजरने वाली एलटी लाइनों के केबलीकरण के निर्देश देते हुए कहा कि इससे वन्य जीवों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी तथा विद्युत आपूर्ति अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनेगी।

बैठक में आरडीएसएस योजना अंतर्गत पूर्व क्षेत्र कंपनी के 41 ऐसे प्रकरणों की भी समीक्षा की गई, जिनमें वन विभाग की स्वीकृति लंबित है। ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन प्रकरणों में वन मंत्रालय स्तर पर सतत फॉलोअप किया जाए, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।

समीक्षा के दौरान स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली में Artificial Intelligence (AI) एवं Machine Learning आधारित विश्लेषण प्रणाली की विशेष प्रस्तुति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि AI आधारित तकनीकों के माध्यम से विद्युत चोरी की संभावनाओं की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से की जा रही है। उपभोक्ताओं के खपत पैटर्न, स्मार्ट मीटर टैंपर इवेंट्स, डीटीआर ऊर्जा संतुलन, GIS आधारित उपभोक्ता मैपिंग तथा ऐतिहासिक बिलिंग डेटा का विश्लेषण कर संदिग्ध उपभोक्ताओं की सूची स्वतः तैयार की जा रही है।

बैठक में कंपनी के स्मार्ट बिजली ऐप का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 13 हजार स्मार्ट मीटर उपभोक्ता प्रतिदिन स्वयं अपना विद्युत उपभोग ऐप के माध्यम से देख रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं में ऊर्जा संरक्षण एवं डिजिटल सहभागिता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।

अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से लागू टैरिफ ऑर्डर में TOD योजना लागू की जा चुकी है, जिसका लाभ स्मार्ट मीटर वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्राप्त हो रहा है। ऊर्जा सचिव  अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे ऊर्जा संरक्षण, लोड प्रबंधन एवं डिजिटल उपभोक्ता सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।

ऊर्जा सचिव  अग्रवाल ने पूर्व क्षेत्र कंपनी द्वारा किए जा रहे नवाचारों एवं डिजिटल उपभोक्ता सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के तकनीक आधारित मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

 

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