पाकिस्तान सरकार पर जनता का बोझ, महंगाई से उठाया 11,000 करोड़ का लाभ

Editor
4 Min Read
पाकिस्तान सरकार पर जनता का बोझ, महंगाई से उठाया 11,000 करोड़ का लाभ
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

इस्लामाबाद

पाकिस्‍तान के कटोरे में एक बार फिर अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भीख का पैसा डाल दिया है. इसके लिए पाकिस्‍तान को अपने ही लोगों का खून चूसना पड़ा. महंगाई बढ़ानी पड़ी और जब उसने आईएमएफ के सभी जरूरी मानक पूरे कर दिए तो अब 1.21 अरब डॉलर यानी करीब 11 हजार करोड़ रुपये का कर्ज उसे दिया गया है. आईएमएफ ने दो अलग-अलग चल रहे फाइनेंसिंग अरेंजमेंट्स के तहत पाकिस्‍तान के लिए यह कर्ज मंजूर किया है और माना जा रहा है कि अगले सप्‍ताह पैसे मिल जाएंगे। 

आईएमएफ ने सितंबर 2024 में एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) के तहत 37 महीनों में 7 अरब डॉलर देने पर सहमति जताई थी. इसके अलावा रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (RSF) के तहत 1.4 अरब डॉलर देने का फैसला किया था. IMF के कार्यकारी बोर्ड ने EFF के तहत पाकिस्तान को लगभग 1 अरब डॉलर और RSF के तहत लगभग 21 करोड़ डॉलर देने पर सहमति दी है. इस तरह, कुल मिलाकर उसे 1.20 अरब डॉलर का कर्ज दिया गया है। 

पाकिस्‍तान को कुल कितना पैकेज
पाकिस्तान अब तक IMF से दो कर्ज पैकेजों के तहत कुल 8.4 अरब डॉलर में से 4.5 अरब डॉलर (करीब 40 हजार करोड़ रुपये) का कर्ज ले चुका है. एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, यह पैसा अगले हफ्ते की शुरुआत में जारी किया जाएगा, जिससे पाकिस्‍तान के सेंट्रल बैंक का रिजर्व बढ़कर 17 अरब डॉलर हो जाएगा. हालांकि, यह भारत के 700 अरब डॉलर के रिजर्व के मुकाबले बहुत छोटा हिस्‍सा है। 

कर्ज पाने के लिए जनता पर जुल्‍म
पाकिस्‍तान को भले ही आईएमएफ से 1.20 अरब डॉलर का कर्ज मिल गया हो, लेकिन इस कर्ज को पाने के बाद भी पाक सरकार को पुराने वित्तीय और मौद्रिक लक्ष्यों पर टिके रहना पड़ा और स्थिरता के रास्ते पर बने रहने की प्रतिबद्धता का पालन करना होगा. भले ही इन नीतियों के खिलाफ जनता लगातार आवाज उठा रही है, क्‍योंकि इससे बेरोजगारी, गरीबी और आर्थिक असमानता बढ़ रही है. IMF की मंजूरी तब मिली जब सरकार ने वित्तीय और मौद्रिक लक्ष्यों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन दिखाया, लेकिन इस वित्तवर्ष की दूसरी छमाही में सरकार के इस रवैये को लेकर अलग-अलग स्‍वर उठ रहे हैं। 

आईएमएफ के पैमाने पर खरा उतरा देश
IMF मिशन ने जुलाई-दिसंबर 2025 की अवधि में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन की समीक्षा की थी, जिसमें 7 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की तीसरी समीक्षा शामिल थी. पाकिस्तान ने दिसंबर 2025 के अंत तक सभी क्वांटिटेटिव परफॉर्मेंस क्राइटेरिया पूरे किए और नेट इंटरनेशनल रिजर्व्स के फ्लोर पर भी बेहतर प्रदर्शन किया. साथ ही जनरल गवर्नमेंट का प्राइमरी बैलेंस टारगेट भी आसानी से हासिल किया. सरकार ने दिसंबर 2025 के अंत तक आठ में से छह इंडिकेटिव टारगेट्स पूरे किए, लेकिन फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू सबसे कमजोर कड़ी रहा. FBR द्वारा जुटाए गए नेट टैक्स रेवेन्यू और रिटेलर्स से इनकम टैक्स रेवेन्यू IMF के लक्ष्यों से कम रहे। 

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *