नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 अभियान को मिल रही लगातार वैश्विक पहचानअभियान के अंतर्गत बालाघाट पुलिस ने भी रचा नया अध्याय

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नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान को मिल रही लगातार वैश्विक पहचानअभियान के अंतर्गत बालाघाट पुलिस ने भी रचा नया अध्याय

1 मिनट की सामूहिक शपथ में 1 लाख 25 हजार विद्यार्थियों एवं 5 लाख से अधिक ऑनलाइन सहभागियों ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने किया सम्मानित

बालाघाट 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व तथा पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में प्रदेश में संचालित "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान जनसहभागिता के माध्यम से एक प्रभावी सामाजिक जनआंदोलन के रूप में स्थापित हो रहा है। अभियान के अंतर्गत बालाघाट पुलिस द्वारा नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित अभिनव पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है।

बालाघाट पुलिस ने अभियान के दौरान आयोजित एक मिनट के नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम के माध्यम से जनभागीदारी का नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस कार्यक्रम में जिले के 1 हजार 204 विद्यालयों के लगभग 1 लाख 25 हजार विद्यार्थियों ने एक साथ नशे से दूर रहने एवं समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। इसके साथ ही 5 लाख से अधिक नागरिकों ने ऑनलाइन माध्यम से अभियान से जुड़कर नशामुक्ति के इस जनआंदोलन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

इस व्यापक जनसहभागिता, प्रभावी जनजागरूकता एवं सामाजिक प्रतिबद्धता को दृष्टिगत रखते हुए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स , लंदन ने बालाघाट पुलिस की इस उपलब्धि को विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता प्रदान करते हुए Certificate of Excellence से सम्मानित किया है।

यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि नशे के विरुद्ध प्रभावी जनजागरूकता केवल प्रशासनिक प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग—विशेषकर विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षकों, अभिभावकों तथा नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से ही संभव है। बालाघाट पुलिस द्वारा संचालित यह पहल जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।

" नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेश  में नशामुक्ति शपथ, जनजागरूकता रैलियां, संवाद कार्यक्रम, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विभिन्न प्रतियोगिताएं निरंतर संचालित कर रही है। अभियान का उद्देश्य समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में सहभागी बनाना है।

बालाघाट पुलिस की यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान अभियान के प्रति नागरिकों के विश्वास, व्यापक जनसहभागिता तथा समाज को नशामुक्त बनाने के सामूहिक संकल्प का सशक्त प्रतीक है।

उल्लेखनीय है कि "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत विगत दिनों इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने 1 लाख 75 हजार 451 नागरिकों को एक साथ नशामुक्ति की ई-शपथ दिलाकर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया था। इसके साथ ही 8,534 नागरिकों की मानव श्रृंखला बनाकर अपना ही पूर्व विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक ही आयोजन में दो विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने की उल्लेखनीय उपलब्धि भी अर्जित की।

इसी प्रकार बड़वानी पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में आयोजित चित्रकला एवं स्लोगन लेखन गतिविधियों के माध्यम से 16 हजार 700 ड्राइंग शीट्स पर नशामुक्ति का संदेश अंकित कराया गया, जिसके लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने बड़वानी पुलिस को मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

वहीं बुरहानपुर पुलिस द्वारा 113 विद्यालयों के 32 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने एक साथ अपने हाथों से नशामुक्ति संबंधी संदेश लिखकर हस्ताक्षर किए तथा नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। इस ऐतिहासिक जनभागीदारी को भी वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा सम्‍मानित किया गया। 

मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेशवासियों से अपील करती है कि वे "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान से जुड़कर नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें तथा युवाओं को स्वस्थ, सुरक्षित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।

 

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