Ganga Expressway से उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार, पर्यटन, व्यापार और यातायात में होगा फायदा

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मेरठ
 गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ के उद्यमी उत्साहित हैं। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच दूरी और समय दोनों कम करेगा।

इससे न सिर्फ लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि किसानों, व्यापारियों और उद्योगों के लिए नए अवसर भी पैदा होंगे। कृषि उत्पादों की तेज आपूर्ति और नए बाजारों तक पहुंच हो सकेगी। मेरठ के धातु व खेल उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग, गैस रेगुलेटर उद्योग के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

आइआइए मेरठ मंडल चैप्टर के अध्यक्ष तनुज गुप्ता का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे पर्यटन, यातायात, व्यापार, उद्योग समेत सभी क्षेत्रों के लिए लाभकारी साबित होगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाजारों तक पहुंच आसान हो जाएगी।

माल ढुलाई में लगने वाले समय और खर्च दोनों कम हो जाएगा। मेरठ की 50 से अधिक गैस रेगुलेटर इकाई, 30 से अधिक धातु उत्पाद इकाई, 80 से अधिक फूड प्रोसेसिंग इकाई, खेल सामग्री, वस्त्र, कृषि आधारित सामग्री को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।

बड़ी मात्रा में पूर्वी उत्तर प्रदेश में मेरठ से गैस रेगुलेटर की आपूर्ति होती है। सिकंदराबाद और गुलावठी क्षेत्र से औद्योगिक निर्माण के लिए लोहे के पार्ट्स, केमिकल और पैकेजिंग सामग्री व हरदोई से खेल उद्योग के लिए लकड़ी की आपूर्ति आसानी से हो सकेगी।

आइआइए मेरठ चैप्टर के अध्यक्ष अंकित सिंघल का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे पर्यटन, यातायात, व्यापार, उद्योग समेत सभी क्षेत्रों के लिए लाभकारी साबित होगा। पेपर उद्योग से संबंधित सामग्री, खेल उत्पाद, रबर उत्पाद, खाद, स्टील आदि उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। मेरठ आने वाले कृषि अपशिष्ट बगास व फल, सब्जी और फूल समेत विभिन्न सामग्री आसानी से मेरठ पहुंच जाएगी।

परतापुर औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन के अध्यक्ष निपुण जैन ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से माल ढुलाई में लगने वाले समय और खर्च दोनों कम हो जाएंगे। विशेष रूप से खेल सामग्री, वस्त्र, कृषि आधारित सामग्री और खाद्य सामग्री (पैक्ड अचार) को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से नए बाजार के द्वार खुलेंगे। आइआइए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने बताया कि मेरठ के खेल उत्पाद की पूर्वी उप्र में भारी मात्रा में मांग है। खेल उत्पाद इकाइयों को लाभ मिलेगा।

सब्जी मंडी एसोसिसेशन नवीन मंडी स्थल के अध्यक्ष पंडित ब्रजभूषण शर्मा का कहना है कि प्रयागराज से भिंडी व काशीफल, हरदोई से जवा मिर्च, बैंगन, शाहजहांपुर से बैंगन, खीरा व लौकी, बदायूं से मिर्च, संभल से आलू व फूलगोभी, बुलंदशहर से टमाटर व गोभी की आपूर्ति हो रही है। सर्दी के दौरान पूर्वी उप्र से बड़ी मात्रा में सब्जियों से भरे ट्रक यहां आते हैं।

प्रतापगढ़ के आंवला की यहां काफी मांग है। फल सब्जी एसोसिएशन के अध्यक्ष इरशाद का कहना है कि बदायूं और प्रयागराज के अमरूद की यहां काफी डिमांड रहती है। बड़ी मात्रा में अमरूद वहां से यहां आता है। अब पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच व्यापारिक आदान-प्रदान आसान हो जाएगा।

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