संकट की घड़ी में बाढ़ प्रभावितों के साथ मजबूती से खड़ी छत्तीसगढ़ सरकार

Editor
6 Min Read

रायपुर

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें त्वरित राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं। प्रदेशभर में जलभराव और बाढ़ में फंसे 49 हजार 793 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। प्रभावित परिवारों के लिए 152 राहत शिविर स्थापित कर 11 हजार 945 से अधिक लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है।

राज्य में 1 जून से 30 सितम्बर 2026 की अवधि के दौरान, विशेषकर 23 से 29 सितम्बर के बीच हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ से प्रदेश के 33 में से 22 से अधिक जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ। नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने से 1,083 गांवों के 74 हजार 130 से अधिक नागरिक प्रभावित हुए।

बाढ़ का सर्वाधिक प्रभाव दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा और बस्तर जिलों में देखा गया। सुकमा जिले के 25 गांवों के 40 हजार 714 तथा बस्तर जिले के 145 गांवों के 20 हजार 212 लोग प्रभावित हुए। इसके अतिरिक्त रायपुर, धमतरी, बालोद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम, दुर्ग, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा सहित अन्य जिलों के अनेक गांव भी बारिश और बाढ़ से प्रभावित हुए।

49 हजार से अधिक लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू

आपदा की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किए। आपदा प्रबंधन की टीमों ने दिन-रात अभियान चलाते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रदेशभर में अब तक 49 हजार 793 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें अकेले सुकमा जिले में 40 हजार से अधिक तथा रायपुर जिले में 5,600 से अधिक लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में 152 राहत शिविर स्थापित किए गए। इन शिविरों में 11 हजार 945 से अधिक प्रभावित लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने पर जोर

बारिश और बाढ़ से हुई जनहानि, पशुहानि, मकानों तथा फसलों की क्षति के मामलों में राज्य सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई तेजी से की जा रही है।

बारिश और बाढ़ से संबंधित हादसों में प्रदेशभर में अब तक 15 लोगों की दुखद मृत्यु हुई है। इसके साथ ही 1,220 से अधिक पशुधन की हानि हुई है। प्राकृतिक आपदा से 2,103 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 7,947 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। किसानों की 6,154 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में लगी फसलें भी प्रभावित हुई हैं।

राज्य सरकार ने क्षति के आकलन के साथ ही पात्र प्रभावित परिवारों तक सहायता राशि पहुंचाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है।

जनहानि से लेकर मकान और फसल क्षति तक सहायता का त्वरित वितरण

जनहानि के प्रकरणों में अब तक ₹16 लाख की राहत राशि प्रदान की जा चुकी है, जबकि ₹24 लाख से अधिक का भुगतान प्रक्रियाधीन है।

पशुहानि के मामलों में प्रभावित पशुपालकों को ₹26.17 लाख से अधिक की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है तथा ₹2.18 लाख की राशि का भुगतान शेष है।

पूर्ण एवं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए ₹1.61 करोड़ से अधिक की सहायता राशि स्वीकृत कर वितरित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त ₹20.26 लाख की सहायता राशि शीघ्र ही संबंधित हितग्राहियों के खातों में भेजी जाएगी।

इसी प्रकार फसल क्षति के लिए ₹12.82 लाख की क्षतिपूर्ति राशि जारी की जा चुकी है, जबकि ₹4.96 लाख से अधिक की राशि का वितरण शेष है।

इस प्रकार जनहानि, पशुहानि, मकान एवं फसल क्षति से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सहायता और क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ाई जा रही है।

शेष नुकसान का शीघ्र आकलन कर राहत राशि देने के निर्देश

राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराने में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो। रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा, दुर्ग और गरियाबंद सहित प्रभावित जिलों में राजस्व एवं पटवारी टीमों को शेष नुकसान का अंतिम आकलन जल्द से जल्द पूरा करने और पात्र हितग्राहियों को राहत राशि का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों के साथ नुकसान के आकलन और आर्थिक सहायता वितरण की कार्रवाई समानांतर रूप से की जा रही है। राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने, जरूरतमंद परिवारों को तत्काल राहत देने और नुकसान से प्रभावित लोगों तक नियमानुसार आर्थिक सहायता शीघ्र पहुंचाने की है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live