विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

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भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि के लिए आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को स्वीकृति दी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के इस निर्णय से अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। केंद्र सरकार ने किसानों के हित संवर्धन के लिए ठोस कदम उठाए हैं। मध्यप्रदेश के किसान इन सभी प्रावधानों का लाभ प्राप्त करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत अनेक गतिविधियों आयोजित की जा रही हैं। प्रत्येक माह किसानों के कल्याण के लिए उन्नत यंत्रों की प्रदर्शनियां, किसान हितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ ही किसानों को नई कृषि तकनीक के प्रशिक्षण का लाभ दिलवाया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा फसलों के न्यूनत समर्थन मूल्य में वृद्धि किए जाने से मध्यप्रदेश और देश के किसान प्रत्यक्ष तौर पर लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश  अन्न उत्पादन में आगे है। इस नाते प्रदेश के रागी, मक्का,ज्वार और बाजरा उत्पादक किसानों को इस फैसले से विशेष लाभ होगा।

विपणन सत्र 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के न्यूतम समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि

केन्द्रीय मंत्रिमंडलीय समिति ने सूरजमुखी बीज के एमएसपी में सबसे अधिक 622 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ कपास में 557 रुपए प्रति क्विंटल, नाइजर सीड में 515 रुपए प्रति क्विंटल और तिल में 500 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। उत्पादन लागत पर किसानों को अनाजों में सर्वाधिक मूंग में सबसे अधिक 61 प्रतिशत लाभ रहने का अनुमान है। इसके बाद बाजरा और मक्का में 56 प्रतिशत और अरहर में 54 प्रतिशत लाभ का अनुमान है। जहां उड़द में यह प्रतिशत 51 है, वहीं रागी, हाइब्रिड ज्वार और धान में लागत पर 50 प्रतिशत लाभ किसानों को मिलेगा। तिलहन फसलों में मूंगफली, सूरज मुखी के बीज, तिली सोयाबीन, तिल,नायजर सीड और मध्यम रेशे के कपास में किसानों को लागत पर मार्जिन 50-50 प्रतिशत का अनुमान है।

 

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