भाजपा ने जताई आशंका, TMC कर सकती है नतीजे मानने से इनकार; चुनाव आयोग भी तैयार

Editor
3 Min Read

कलकत्ता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आज आ रहे हैं। अब तक के रुझानों में भाजपा ने शतक जड़ दिया है और लगातार टीएमसी पर बढ़त बनाए हुए है। चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक भी भाजपा अब तक 171 सीटों पर बढ़त बना चुकी है, जबकि टीएमसी को 100 सीटों पर ही बढ़त है। ऐसी स्थिति में साफ माना जा रहा है कि भाजपा इस बार सत्ता हासिल कर लेगी। हालांकि आधिकारिक नतीजों के लिए इंतजार करना होगा, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि भाजपा इस बार सत्ता हासिल कर सकती है। इस बीच भाजपा ने नतीजे आने के बाद टीएमसी के रुख को लेकर भी चिंता जता दी है।

खड़गपुर सदर सीट से भाजपा कैंडिडेट दिलीप घोष का कहना है कि टीएमसी की ओर से नतीजे मानने से इनकार किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर रखी है। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज ही नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में हालात तब से ठीक हुए, जब चुनाव आयोग ने कमान संभाली। उन्होंने कहा कि बंगाल के हालात चिंताजनक ही रहे हैं और खूनखराबा होता रहा है, लेकिन इस बार इलेक्शन शांतिपूर्ण रहे हैं। आयोग ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात किए, जिससे गड़बड़ी नहीं हो सकी। किसी व्यक्ति का कत्ल नहीं हो पाया। बता दें कि 2021 के चुनाव में हिंसा काफी हुई थी।

यहां तक कि भाजपा कार्यकर्ताओं में इसे लेकर असंतोष भी था। ऐसे में इस बार जिस तरह की सुरक्षा की गई, उससे भी माहौल बदला दिखा। दिलीप घोष ने कहा कि चुनाव का नतीजा तो तय है और अब सिर्फ औपचारिक घोषणा होनी है। उन्होंने कहा कि भाजपा कोशिश करेगी कि जनता ने जिस विश्वास के साथ मतदान किया है, उस पर खरा उतरा जाए। नई सरकार और बंगाल अब भारत के साथ आगे बढ़ेंगे, वे बांग्लादेश के साथ नहीं जाएंगे। जनता बदलाव चाहती है और उन्होंने भाजपा को अच्छी संख्या में सीटें देकर सरकार बनाने का मौका दिया है। घोष ने कहा कि बंगाल में कोई कानून नहीं चल रहा था।

घोष बोले- चुनाव आयोग ने संभाली व्यवस्था तो संभले हालात
उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले जब निर्वाचन आयोग ने व्यवस्था संभाली तो कानून व्यवस्था में सुधार आया। चुनाव शांतिपूर्ण हुए थे और अब काउंटिंग में भी बवाल नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि अब नई सरकार भी इसी तरह से शपथ लेगी। घोष ने कहा कि पहले के चुनाव में गड़बड़ियां की जाती थीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को घरों में ही बंद कर दिया जाता था। उन्हें 15 सालों तक वोटिंग करने से रोका गया। इस बार उन्हें चांस मिला तो उन्होंने बदलाव के लिए मतदान किया है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live