सुकमा : बंदूक छोड़ विकास की राह पर बढ़े मड़कम भीमा, शासकीय योजनाओं ने बदली जिंदगी

Editor
2 Min Read

सुकमा : बंदूक छोड़ विकास की राह पर बढ़े मड़कम भीमा, शासकीय योजनाओं ने बदली जिंदगी
 
 पक्का घर, रोजगार और सम्मान: मड़कम भीमा की प्रेरक कहानी

सुकमा
जिले में शासन की पुनर्वास नीति और जनकल्याणकारी योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। कोंटा विकासखंड के ग्राम पंचायत पोलमपल्ली निवासी मड़कम भीमा की कहानी इस परिवर्तन का जीवंत उदाहरण है, जिन्होंने हिंसा और भय के रास्ते को छोड़कर विकास और लोकतंत्र की मुख्यधारा को अपनाया। जिला प्रशासन, सुरक्षा बलों और शासन की समन्वित पहल ने उन्हें समाज में सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित होने का अवसर प्रदान किया।

    मुख्यधारा में लौटने के बाद जिला प्रशासन ने मड़कम भीमा को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उनके जीवन को नई दिशा दी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत आर्थिक सहायता से उनका पक्का आवास बनकर तैयार हुआ, जिसने उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार दिया। यह पहल न केवल एक घर उपलब्ध कराने तक सीमित रही, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व और विश्वास की नई भावना भी लेकर आई।

    आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) से जोड़ा गया। गांव के विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी करते हुए उन्होंने सम्मानजनक मजदूरी अर्जित की, जिसकी राशि सीधे उनके बैंक खाते में पहुंची। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई, बल्कि आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने की नई प्रेरणा भी मिली।

    मड़कम भीमा की सफलता की यह कहानी बताती है कि सुकमा जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल, प्रभावी पुनर्वास नीति और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों। 

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live