झारखंड नई उद्योग नीति 2026 में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों को 30 करोड़ तक सब्सिडी प्रस्तावित

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रांची
 झारखंड में नई उद्योग नीति के तहत सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पर अधिकतम 30 करोड़ रुपये तक सब्सिडी (अनुदान) देने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके साथ ही झारखंड की नई उद्योग नीति 2026 के तहत माइक्रो उद्योगों को 25 लाख रुपये तक का ब्याज अनुदान देने का प्रस्ताव दिया गया है।

राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार ने झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहनों में बड़ी बढ़ोतरी की गई है

नए प्रस्तावित ड्राफ्ट में मुख्य रूप से कैपिटल इन्वेस्टमेंट (पूंजी निवेश) पर दी जाने वाली सब्सिडी की अधिकतम सीमा को काफी बढ़ा दिया गया है, जबकि अन्य प्रोत्साहन जैसे कि स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस की 100% प्रतिपूर्ति को बरकरार रखा गया है।

शैक्षणिक संस्थानों को बड़ा लाभ, पूंजी निवेश सब्सिडी को डेढ़ गुना बढ़ाया गया
झारखंड औद्योगिक निवेश प्राेत्साहन नीति के तहत 2021 में 20 करोड़ रुपये की सीमा थी, जिसे नए ड्राफ्ट में डेढ़ गुना बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये (भूमि को छोड़कर) कर दिया गया है। यह सब्सिडी कुल निवेश के 25% तक होगी।

इसके साथ ही ब्याज सब्सिडी पांच साल की अवधि के लिए पांच प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा पांच करोड़ रुपये निर्धारित की गई है (2021 में इसकी कोई अलग सीमा नहीं थी)।

सरकार की ओर से प्रस्तावित इस सुविधा को लेने के लिए उद्योगों को न्यूनतम सौ सीटें और इंजीनियरिंग की कम से कम पांच स्ट्रीम के साथ पर्याप्त बुनियादी ढांचा होने की शर्त को अनिवार्य किया
गया है।

स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मिलेगी बढ़ी हुई सहायता
ड्राफ्ट में अस्पतालों और नर्सिंग कालेजों की स्थापना के लिए सब्सिडी की लीमिट में भी बढ़ोतरी की गई है। पूंजी निवेश पर 25 प्रतिशत की सब्सिडी अब अलग-अलग श्रेणियों में

इस प्रकार होगी :
    मल्टी-स्पेशियलिटी हास्पिटल (ग्रेड 1) : पांच करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये।
    मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (ग्रेड II) : 12.5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये।
    सुपर-स्पेशियलिटी हास्पिटल : 25 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये।
    नर्सिंग कालेज : पहले की तरह अधिकतम 1 करोड़ रुपये सब्सिडी का प्रविधान बरकरार रहेगा।

इन बुनियादी सुविधाओं के लिए भी पांच साल के लिए 5 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी नई अधिकतम सीमा तीन करोड़ रुपये (2021 में इस पर कोई निर्धारित सीमा नहीं थी) रखी गई है।

इसके अलावा, पूर्ण स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस की 100 प्रतिशत वापसी का प्रविधान भी यथावत रखा गया है। सरकार के इस ड्राफ्ट का उद्देश्य राज्य में निजी निवेश को आकर्षित करना और क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करना है।

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