चंडीगढ़
हरियाणा रोडवेज की बसों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों के नियमों का अब सख्ती से पालन कराया जाएगा। राज्य परिवहन निदेशालय ने सभी रोडवेज डिपो के महाप्रबंधकों, उड़नदस्ता अधिकारियों तथा चालक-परिचालकों को निर्देश जारी किए हैं कि बस के प्रारंभिक स्टेशन से ही महिलाओं के लिए निर्धारित सीटें उपलब्ध कराई जाएं और आरक्षण नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। अभी तक हो यह रहा है कि महिलाएं खड़ी रहती हैं और उनकी सीटों पर अन्य सवारियां बैठ जाती हैं।
यह निर्देश एक महिला यात्री की शिकायत के बाद जारी किए गए हैं। परिवहन निदेशालय ने जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि हरियाणा राज्य परिवहन की सामान्य बसों में सीट संख्या 7 से 9, 12 से 21 तथा 25 से 26 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
ये सीटें बस के शुरुआती पड़ाव से ही महिलाओं के लिए सुरक्षित मानी जाएंगी। निदेशालय ने अपने आदेश में कहा है कि सभी महाप्रबंधक अपने अधीन कार्यरत अग्रिम बुकिंग कर्मचारियों, चालकों और परिचालकों को आवश्यक निर्देश जारी करें ताकि किसी भी स्थिति में महिलाओं को उनकी आरक्षित सीटों से वंचित न होना पड़े।
यदि बस के शुरुआती स्टेशन से ही आरक्षित सीटों पर अन्य यात्रियों को बैठा दिया जाता है तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। परिवहन मंत्री अनिल विज का भी मानना है कि इस व्यवस्था से महिला यात्रियों को यात्रा के दौरान अधिक सुविधा और सुरक्षा मिलेगी। साथ ही, उन्हें आरक्षित सीट पाने के लिए अन्य यात्रियों से विवाद की स्थिति का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।
परिवहन विभाग के इस आदेश के बाद अब सभी रोडवेज डिपो में आरक्षित सीटों के नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि बस संचालन के दौरान महिला यात्रियों के अधिकारों का पूरी तरह सम्मान हो और आरक्षित सीटों पर नियमों के अनुरूप ही व्यवस्था लागू रहे।
