शहरी स्व-सहायता समूहों की बहने ‘सोलर दीदीयाँ’ बनकर लिखेंगी नारी सशक्तिकरण की नई गाथा

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भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में नारी सशक्तिकरण मिशन को एक नई ऊंचाई प्रदान की जा रही है, जिसके अंतर्गत "शहरी स्व-सहायता समूह की बहनें" अब 'पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना' में "सोलर दीदी" के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से स्व-सहायता समूहों को संवहनीय आजीविका से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत भोपाल, इंदौर, जबलपुर और सतना के नगर पालिक निगमों से की जा रही है, जहाँ पंजीकृत कुल 17,426 स्व-सहायता समूहों और 593 एरिया लेवल फेडरेशन की वे बहनें जो कक्षा 10वीं या उससे अधिक शैक्षणिक योग्यता रखती हैं, उन्हें "सोलर दीदी" के रूप में कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा।

यह अभिनव पहल भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त अभिसरण कार्यक्रम द्वारा पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना अंतर्गत किया जा रहा है जिसके प्रथम चरण में देश के 12 राज्यों के 40 चयनित निकायों को शामिल किया गया है। योजना के में दीनदयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को "सोलर दीदी" के रूप में संलग्न कर कार्य संपादित करने की पहल की जा रही है, जो प्रदेश में महिला समूहों की बढ़ती महत्ता और उनकी कार्यक्षमता को रेखांकित करता है। नगरीय आवास एवं विकास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय एवं राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी द्वारा नारी सशक्तिकरण की इस दूरगामी पहल के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त  संकेत भोंडवे और अपर आयुक्त सह मिशन संचालक,  शिशिर गेमावत इस परियोजना को प्रदेश में एक उत्कृष्ट मॉडल के रूप में स्थापित करने के लिये प्रतिबद्ध हैं, जिससे इन समूहों के माध्यम से आजीविका प्रदाय की दिशा में मध्यप्रदेश देश का सबसे अग्रणी और प्रगतिशील राज्य बनेगा।

 

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