घर से निकलते समय दिखें ये संकेत हो सकते हैं शुभ या अशुभ

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 हमारे आसपास होने वाली कुछ घटनाओं और संकेतों को शुभ (अच्छा) व अशुभ (हानिकारक) माना जाता है. प्राचीन भारतीय मान्यताओं में यह विश्वास किया जाता है कि प्रकृति और जीव-जंतु मनुष्य को आने वाले समय के बारे में संकेत देते हैं. हालांकि, आधुनिक विज्ञान भले ही इन मान्यताओं को प्रमाणित नहीं करता, फिर भी भारतीय समाज में इनका सांस्कृतिक और मानसिक महत्व आज भी बना हुआ है. चलिए ज्योतिष से जानते हैं कि घर से निकलते वक्त समय कौन से संकेत शुभ होते हैं और कौन से अशुभ.

कबाड़ दिखना
यदि घर के बाहर निकलते समय सामने दरवाजे पर आपको फल या सब्जी वाला, कबाड़ी अपनी भरी ढेल के साथ और जमादार कचरे की भरी टोकरी के साथ नजर आए तो यह काम में सफलता प्राप्ति का संदेश है.

गाय दिखना
घर के बाहर निकलते ही गाय, जल भरकर ले जाते किसी व्यक्ति का दिखना भी शुभ संकेत होता है.

बर्तन दिखना
इसके विपरीत किसी भी प्रकार से बर्तन लेकर जाते व्यक्ति का दिखना काम में अड़चन या पूर्ण न हो पाने का संकेत है.  

झाड़ू का उल्टा रखा दिखना
घर के मुख्य द्वार पर झाड़ू का उल्टा रखा होना भी अशुभ माना जाता है. झाड़ू को धन और लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है. इसलिए उसका अपमान आर्थिक परेशानी का कारण माना जाता है.

टूटा शीशा
इसी प्रकार घर में टूटे हुए शीशे या बंद घड़ी रखना नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है, क्योंकि यह रुकावट और अव्यवस्था को दर्शाते हैं.

तुलसी का पौधा सूखना
यदि घर में अचानक तुलसी का पौधा सूख जाए तो इसे अशुभ माना जाता है. तुलसी को पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है.

पक्षी का आना
इसके विपरीत, घर में पक्षियों का घोंसला बनाना शुभ संकेत है, क्योंकि यह शांति और समृद्धि का प्रतीक समझे जाते हैं.

छींक आना
छींक से जुड़ी मान्यताएं भी काफी प्रसिद्ध हैं. यदि किसी काम के लिए निकलते समय एक बार छींक आ जाए तो लोग कुछ क्षण रुक जाते हैं. इसका कारण यह माना जाता था कि शरीर की अचानक प्रतिक्रिया स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी हो सकती है. लेकिन लगातार दो छींकें सामान्य मानी जाती हैं.

सुबह के संकेत
सुबह-सुबह मंदिर की घंटी सुनना, शंख की ध्वनि या गाय का दर्शन शुभ माना जाता है. शंख की ध्वनि को वातावरण शुद्ध करने वाला माना गया है.

रात के संकेत
वहीं, रात में रोते हुए कुत्ते की आवाज को कई लोग अशुभ संकेत मानते हैं, क्योंकि पुराने समय में इसे संकट या बीमारी से जोड़कर देखा जाता था.

क्या बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ होता है?
बिल्ली का रास्ता काटना आम तौर पर अशुभ संकेतों में से एक माना जाता है. किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए जाते समय बिल्ली सामने से रास्ता काट दे तो काम में बाधा आ सकती है. कुछ स्थानों पर इसे देवी शक्ति और रहस्य का प्रतीक माना जाता है, जबकि कुछ मान्यताओं में इसे अशुभ संकेतों से भी जोड़कर देखा गया है. दरअसल, बिल्ली को राहु और केतु जैसे ग्रहों की छाया से जोड़कर देखा जाता है. पुराने समय में जब सड़कें सुनसान और अंधेरी होती थीं, तब बिल्ली का अचानक रास्ता काटना यात्रा में खतरे का संकेत माना जाता था. इसलिए लोग कुछ देर रुककर आगे बढ़ते थे ताकि संभावित दुर्घटना या परेशानी से बचा जा सके.

धीरे-धीरे यह मान्यता बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ होने के नजरिए से देखा जाने लगा. धार्मिक कथाओं में यह भी माना जाता है कि बिल्ली अत्यधिक सतर्क और रहस्यमयी स्वभाव की होती है. इसका अचानक आना व्यक्ति को सावधान रहने का संकेत माना जाता था. यानी यह सीधे अशुभ नहीं बल्कि चेतावनी का प्रतीक भी समझा जाता था. हिंदू धर्म में बिल्ली को पूरी तरह नकारात्मक नहीं माना गया है. कई जगह इसे मातृत्व और संरक्षण का प्रतीक भी समझा जाता है. देवी शक्ति का वाहन बिल्ली को माना जाता है. इस कारण कई परिवारों में बिल्ली को भोजन देना शुभ कार्य माना जाता है.

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