शिवसेना (UBT) में फिर टूट की आहट? संजय देशमुख की मौजूदगी ने बढ़ाई उद्धव की चिंता

Editor
5 Min Read
शिवसेना (UBT) में फिर टूट की आहट? संजय देशमुख की मौजूदगी ने बढ़ाई उद्धव की चिंता
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

 मुंबई

महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़ा खेला होने जा रहा है. टीएमसी में बगावत के बाद अब उद्ध ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में टूट का खतरा मंडराने लगा है. शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 5 लोकसभा सांसदों ने उद्धव ठाकरे के आवास 'मातोश्री' पर बुलाई गई अहम बैठक में हिस्सा नहीं लिया, जिसके चलते 'ऑपरेशन टाइगर' के कयास लगाए जाने लगे हैं। 

शिवसेना (यूबीटी) के पास मौजूदा समय में कुल 9 लोकसभा सांसद हैं, जिनमें से रविवार को हुई बैठक में सिर्फ 4 सांसद ही पहुंचे थे बाकी 5 सांसदों ने हिस्सा नहीं लिया. इसे  उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। 

शिवसेना (यूबीटी) की टूट के लगाए जा रहे कयास पर उद्धव ठाकरने अपनी चुप्पी तोड़ दी है. उद्धव ठाकरे ने अब साफ-साफ कह दिया है कि अगर वे जाना चाहते हैं, तो खुशी-खुशी जाएं। 

आज नहीं,  कल मेरा वक्त आएगा-उद्धव
महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर की आशंका के बीच उद्धव ठाकरे ने एक तरह से चेतावनी के लहजे में अपने सांसदों से कहा है कि आज मेरा वक्त नहीं है, लेकिन कल जरूर आएगा. तब तक हमें सहना पड़ेगा और संघर्ष करना पड़ेगा. रविवार को मातोश्री में उद्धव ठाकरे ने अपना लोकसभा सांसदों की बैठक बुलाई थी, जिसमें पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 4 ही सांसद पहुंचे थे और पांच नहीं शामिल हुए थे। 

उद्धव ने कहा था कि जिन लोगों ने बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना छोड़ी है, उन्हें एक दिन पछतावा जरूर होगा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होगी. चार साल पहले पार्टी में बड़ी फूट पड़ी थी, जब 40 विधायक अलग हो गए थे. उस समय मैं राज्य का मुख्यमंत्री था. क्या लोगों को सच में लगता था कि मुझे उस बात का पता नहीं था, जो बाकी सभी लोग साफ-साफ देख और समझ सकते थे?

कोई जाना चाहता है, तो वह जा सकता है-उद्धव
उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना में चार साल पहते हुई बगावत की मुझे भनक लग गई थी कि क्या हो रहा है, लेकिन मैंने किसी से कुछ भी नहीं कहा, न ही उन पर कोई दबाव नहीं डाला और न ही उनके घोटालों की जांच के लिए कोई फाइल खुलवाई. अगर कोई पहले से ही जाना चाहता है, तो उसे जबरदस्ती रोकने का क्या मतलब है?

ऑपरेशन टाइगर की चल रही चर्चा के बीच उद्धव ठाकरे ने बहुत अहम बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर कोई जाना चाहता है, तो वह जा सकता है. मैं बस उनके अच्छे राजनीतिक भविष्य की कामना करूंगा. इस तरह से उद्धव ठाकरे ने मान लिया है कि जिन्हें जाना है, वो पार्टी को छोड़कर जा सकता है। 

उद्धव की बैठक में जो पांच सांसद नहीं पहुंचे
उद्धव ठाकरे के द्वारा मातोश्री पर बुलाई गई बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के जो पांच सांसद नहीं पहुंचे थे, उसमें संजय जाधव, संजय देशमुख, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और नागेश पाटिल अष्टिकर हैं. इन पांच सांसदों के कारण पार्टी में फिर से फूट पड़ने की चर्चा शुरू हो गई। 

हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) खेमे ने तुरंत दावा किया कि ये सांसद बैठक में वर्चुअली (ऑनलाइन) शामिल हुए थे, लेकिन सूत्रों का कहना है कि उद्ध ठाकरे सिर्फ नागेश पाटिल अष्टिकर से ही सीधे बात कर पाए. वहीं, बैठक में न शामिल होने वाले शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय देशमुख ने दिल्ली में एकनाथ शिंदे खेमे के मंत्री प्रताप राव जाधव से मुलाकात की है, जिसके बाद सियासी चर्चा तेज हो गई। 

उद्धव के सांसद शिंदे के संपर्क में है-प्रताप जाधव
उद्धव ठाकरे खेमे के नेता और केंद्रीय मंत्री प्रताप राव जाधव ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के सभी सांसद मेरे दोस्त हैं, हमने पहले साथ काम किया है. हमारी मुलाकात और बातचीत होती रहती है. एक बात साफ है कि शिवसेना (UBT) के कई सांसद पार्टी नेतृत्व (उद्धव ठाकरे) से वाकई नाखुश हैं। 

प्रताप जाधव कहते हैं कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसद उसी तरह से पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं, जैसे टीएमसी के सांसद थे. शिंदे के अगुवाई वाली ही शिवसेना असली शिवसेना हैं, जो बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों पर काम कर रही है. शिवसेना (UBT) के सभी सांसदों का हमारी पार्टी में स्वागत है. UBT के कुछ सांसद एकनाथ शिंदे जी के संपर्क में हैं। 

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *