सोना-चांदी में जोरदार उछाल! शांति समझौते की उम्मीद से चमके भाव, एक्सपर्ट ने बताया खरीदने-बेचने का सही समय

Editor
4 Min Read

इंदौर 

शेयर मार्केट में तूफानी तेजी के बाद कमोडिटी मार्केट में भी बड़ी हलचल देखी जा रही है. पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद सर्राफा बाजार ने यू-टर्न लिया है. ग्लोबल मार्केट में आई मजबूती की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में रिकवरी हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता की बात कही है, नतीजन निवेशकों ने स्टॉक मार्केट के साथ गोल्ड-सिल्वर में खरीदारी पर जोर दिया है. इस दमदार वापसी ने ना केवल ग्लोबल मार्केट के निवेशकों बल्कि भारतीय निवेशकों को भी खुश कर दिया है। 

एमसीएक्स की बात करें तो सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में ज्यादा तेजी आई. सोना जहां 0.66% यानी 979 रुपये की बढ़त के साथ 1,49,902 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है. वहीं चांदी 2,597 रुपये महंगी होकर 2,42,143 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रही है. इस हफ्ते में पहली बार कमोडिटी मार्केट हरे निशान में ट्रेड करता दिखा है। 

किस लेवल्स पर खरीदें और बेचें?
निवेशकों के मन में एक सवाल इस समय सबसे ज्यादा आ रहा है कि सोने में तेजी तो है पर किस लेवल पर इसे खरीदा जाए. साथ ही किस लेवल पर इसे निकाल दिया जाए. इसके लिए एनडीटीवी की टीम ने केडिया एडवाइजरी से बात की. उन्होंने बताया कि 1.40 लाख से 1.42 लाख पर निवेशक खरीद सकते हैं. साथ ही इसका ऊपरी लेवल 1.60 से 1.62 लाख पर जा सकता है. अगर स्टॉप लॉस की बात करें तो वो 1.35 से 1.36 लाख के बीच सेट कर सकते हैं. हालांकि केडिया एडवाइजरी के अनुसार ये लेवल्स 6 महीने के निवेश को ध्यान में रखकर बनाए हैं। 

इंटरनेशनल मार्केट में भी दिखी तेजी
एमसीएक्स के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी निवेशक खूब सोने-चांदी में पैसा लगा रहे हैं. इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड एक बार फिर 4,200 डॉलर प्रति औंस के बड़े लेवल पर पहुंच गया है. मालूम हो कि जंग के पहले दिन से सोना अपने ऑल टाइम हाई से करीब 28 फीसदी तक लुढ़क चुका है। 

क्यों बढ़ा सोना-चांदी?
सोने-चांदी में आई इस बढ़ते के पीछे की वजह देखें तो कई ऐसे फैक्टर्स रहे, जिन्होंने इन कीमती धातुओं को मजबूत बनाया है. ट्रंप के शांति फॉर्मूले के साथ, कच्चे तेल की कम होती कीमतों ने कमोडिटी मार्केट में एक नई जान फूंकी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार ईरान के साथ शांति समझौता बहुत करीब है, ऐसे में दुनियाभर के बाजारों में जंग को लेकर आशंकाएं कम हुई हैं. नतीजन डॉलर से निवेशक खिसक कर अब शेयर मार्केट और सोने-चांदी की तरफ रुख कर रहे हैं। 

इसके अलावा उम्मीद है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर जल्द ही कोई अच्छा समाधान हो सकता है, ऐसे में कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आईं हैं. कच्चा तेल सस्ता होने से दुनियाभर के निवेशक अमेरिकी बाजार से सेफ हेवन कहे जाने वाले सोने में पैसा लगाना शुरू कर देते हैं। 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live