यूपी में भीषण गर्मी का कहर, 48 घंटे लू का अलर्ट; 18 मई से बारिश के आसार

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लखनऊ

यूपी में पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज तल्ख बना हुआ है। लगातार तापमान बढ़ने से गर्मी और तेज धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गुरुवार को सुबह से ही तीखी धूप निकलने के कारण दिनभर गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे लोग बेहाल नजर आए। दोपहर के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया और राहगीरों व यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बीते दिनों आई आंधी और बारिश के बाद पिछले शनिवार से मौसम का रुख पूरी तरह बदल गया है।

जहां, गुरुवार को तेज धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, अगले 48 घंटे लू के साथ गर्मी और बढ़ेगी। मौसम विभाग ने गर्मी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि दो दिन लू के थपेड़े सताएंगे और इसके बाद बारिश से राहत मिलेगी। हालांकि अगले दो दिनों में लू के साथ तापमान और गर्मी और ज्यादा बढ़ेगी। गुरुवार को दिनभर भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने लोगों को खासा परेशान किया। सुबह से ही सूरज की तेज किरणों ने वातावरण को गर्म कर दिया, जिससे दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिला।

गर्म हवाओं और तेज धूप के चलते आम जनजीवन प्रभावित रहा और लोग जरूरी कामों से ही घरों से बाहर निकले। दोपहर के समय गर्मी का असर अपने चरम पर रहा। बाजारों में भी भीड़ कम देखी गई और लोग छांव और ठंडे स्थानों की तलाश करते नजर आए। गर्मी के कारण राहगीरों, मजदूरों और स्कूली बच्चों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोग पानी और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखे।

मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में वृद्धि के कारण उमस और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। हालांकि कुछ इलाकों में मौसम कई बार अचानक करवट ले रहा है। आसमान में काले बादल छाने के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। लेकिन इससे हल्की राहत मिल रही है। भीषण गर्मी के बीच लोगों को बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग काक कहना है कि 18 मई से बारिश के आसार हैं।

एप पर जानकारी
प्री-मानसून और मानसून के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं से जानलेवा क्षति होती है। जनहानि को कम करने के लिए मौसम विभाग और अन्य संस्थाओं ने कई मोबाइल एप विकसित किए हैं। इनके माध्यम से आम नागरिकों, किसानों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को गरज-चमक, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावित घटनाओं की समय रहते चेतावनी मिल जाती है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि दामिनी-लाइटनिंग अलर्ट एप पूरे भारत में बिजली गिरने की गतिविधियों की निगरानी करता है। यह उपयोगकर्ता की जीपीएस लोकेशन के आधार पर अलर्ट भेजता है। यदि 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने की संभावना होती है तो यह तुरंत सूचना देता है।

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