उज्जैन में महाकाल मंदिर से चौराहे तक चौड़ी होगी सड़क, मकान-दुकानों पर चला बुलडोजर

Editor
4 Min Read

उज्जैन
 विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से महाकाल चौराहा तक के 200 मीटर लंबे 15 मीटर चौड़े मार्ग को 24 मीटर चौड़ा करने का रास्ता अब कानूनी और प्रशासनिक रूप से पूरी तरह साफ हो गया। 28 सितम्बर को मप्र हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ से स्थगन आदेश (स्टे) खारिज होते ही नगर निगम और जिला प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। इसके बाद गुरुवार सुबह बाधक निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

मंगलवार को नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित 39 परिवारों के मकानों, दुकानों और होटलों के अधिग्रहण वाले हिस्से पर लाल निशान अंकित किए थे। इसके बाद बुधवार को सभी प्रभावितों को 24 घंटे में जगह खाली करने का अंतिम अल्टीमेटम दे दिया गया था।

असर ये हुआ कि शाम तक ज्यादातर दुकानें खाली कर दी गई और कईयों ने अपना कीमती सामान बाहर कर सुरक्षित कर लिया। गुरुवार सुबह से प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ चौड़ीकरण के लिए तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी।

उज्जैन मास्टर प्लान-2035 के तहत कायाकल्प
स्मार्ट सिटी कंपनी और नगर निगम द्वारा उज्जैन मास्टर प्लान-2035 के तहत महाकाल क्षेत्र में यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए यह चौड़ीकरण किया जा रहा है। वर्तमान में यह 200 मीटर लंबा मार्ग केवल 15 मीटर चौड़ा है, जिसे बढ़ाकर 24 मीटर किया जाना है। मालूम हो कि जनवरी 2021 में राज्य सरकार ने महाकाल मंदिर परिसर का क्षेत्रफल 8 गुना तक बढ़ाने और आसपास के संपर्क मार्गों को चौड़ा करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

इसके तहत अन्य मार्गों पर अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी थी, लेकिन महाकाल मंदिर से महाकाल चौराहा मार्ग पर प्रभावित परिवारों के विरोध और कोर्ट से मिले अंतरिम स्थगन के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी। अब हाईकोर्ट से रोक हटते ही निगम ने अधिग्रहण की उल्टी गिनती शुरू कर दी है।

प्रभावितों का दर्द : 'रोजी-रोटी छिन जाएगी, सड़क 18 मीटर ही चौड़ी करें'
दूसरी ओर, वर्षों से इस मार्ग पर निवास कर रहे भू-स्वामियों, व्यापारियों और किरायेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रभावित लोगों का कहना है कि वे शहर और मंदिर के विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन 24 मीटर चौड़ीकरण से उनकी दुकानें और आशियाने पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे। व्यापारियों की मांग है कि यदि मार्ग को 24 मीटर के बजाय 18 मीटर चौड़ा किया जाए, तो भवनों का नुकसान कम होगा और उनका रोजगार भी बच जाएगा।

प्रभावितों का कहना है कि वे इस मानवीय पहलू को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाने और उच्च स्तर पर कानूनी अपील दायर करने के प्रयास में लगे हैं। हालांकि, लाल निशान और अल्टीमेटम के बाद क्षेत्र में तनाव और बेदखली का डर साफ देखा जा सकता है।

बुलडोजर और पोकलेन की मदद से हटाएंगेनगर निगम अधिकारियों के अनुसार, प्रभावितों को 2 जून 2023 को ही नोटिस जारी कर अधिग्रहित होने वाले हिस्से की जानकारी दे दी गई थी। नोटिस में स्पष्ट था कि निर्धारित अवधि में कब्जा न सौंपने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। स्टे हटने के बाद अब गुरुवार को भारी पुलिस बल और पोकलेन/बुलडोजर की मदद से अतिक्रमण व चिह्नित निर्माण हटाने की बड़ी कार्रवाई हो रही है।

 

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live