कर्नल सोफिया विवाद में मंत्री विजय शाह को राहत, राज्यपाल ने केस न चलाने के प्रस्ताव पर लगाई मुहर

Editor
6 Min Read

भोपाल 
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के पराक्रम की जानकारी देशवासियों के बीच लाने वाली सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान देने वाले मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ अब आगे मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। कैबिनेट की अनुशंसा पर एमपी के राज्यपाल की मुहर लग चुकी है। अब इस केस को आगे बढ़ाने की अनुमति न देने की रिपोर्ट प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट भेजी जाएगी।

बता दें कि, कैबिनेट की अनुशंसा पर मंगलवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी मुहर लगा दी है। वहीं, गृह विभाग ने अपने स्तर पर मामले का परीक्षण कराकर आदेश प्रारूप मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है। एक-दो दिन में यहा से हरी झंडी मिलते ही गृह विभाग अभियोजन की स्वीकृति न देने संबंधी आदेश जारी कर उसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट भेज देगा।
क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि, मोहन कैबिनेट में मंत्री विजय शाह ने पिछले साल यानी 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। मंच को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि, उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतारकर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उन्हीं की बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेज दिया।' विजय शाह के इस बयान के बाद विपक्षी दलों के साथ-साथ आम जन ने भी उनकी शब्दावली पर सवाल उठाए थे। जमकर बवाल मचने के बाद हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया था।

कर्नल सोफिया पर टिप्पणी करके विवादों में आए थे विजय शाह
भारत ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर चलाकर आतंकवादियों की कमर तोड़ दी और पाकिस्तान के दांत खट्टे कर दिए थे. इसके बाद भारत की तरफ से मीडिया ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी ने हिस्सा लिया था. तब विजय शाह ने कथित तौर पर उनको लेकर विवादित टिप्पणी कर दी थी. बाद में विजय ने अपने बयान के लिए माफी भी मांगी थी और उन्होंने कहा था कि उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया था। 

खामोश हो गए विजय शाह
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम और राहत की खबरों के बीच जब मीडिया ने भोपाल में मंत्री विजय शाह से सवाल पूछे, तो उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साध ली. इस दौरान उनके चेहरे पर एक राहत भरी मुस्कान बनी रही. उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि नौ कमेंट्स. वह अब इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। 

लगातार 8 बार से विधायक है कुंवर विजय शाह
कुंवर विजय शाह मकराई रियासत शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं. बताया जाता है कि उनके परिवार ने कई सदियों तक मकराई पर शासन किया. वह हरसूद विधानसभा से लगातार 8 बार से विधायक हैं और कांग्रेस उनके अभेद किले को जीत नहीं पाई है. उनकी गिनती बीजेपी के बड़े नेताओं में होती है और उनकी अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ है। 

कर्नल सोफिया कुरैशी पर कथित टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह को बड़ी राहत मिली है. कैबिनेट ने उनके खिलाफ मुकदमा न चलाने का फैसला लिया था, जिसे अब राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने भी मंजूरी दे दी है. इसके बाद राज्य सरकार का गृह विभाग सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट भेजेगा कि मंत्री के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए। 

कैबिनेट रिपोर्ट के अनुसार, विजय शाह अपने बयान के लिए लिखित और मौखिक रूप से चार बार से अधिक माफी मांग चुके हैं. इसके अलावा, सरकार के पांच सूत्रीय स्पष्टीकरण में कहा गया है कि इस मामले में किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, उन्होंने कर्नल सोफिया का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया था और उनका इरादा सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने या उनका अपमान करने का नहीं था। 

पिछले साल भारत द्वारा आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी ने एक मीडिया ब्रीफिंग में हिस्सा लिया था. इस दौरान मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने उन पर कथित तौर पर विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद यह मामला कानूनी विवाद और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। 

SIT ने सौंपी रिपोर्ट
मंत्री विजय शाह की इस टिप्पणी पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी के निर्देश दिए। आगे मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई। एसआईटी ने जांच करके सीलबंद रिपोर्ट न्यायालय में पेश की। साथ ही, विजय शाह के विरुद्ध मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन की स्वीकृति मांगी थी। लगातार मामला टलने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए सरकार को शीघ्र निर्णय करने के निर्देश दिए थे।

कैबिनेट की अनुशंसा पर राज्यपाल की मुहर
पिछली बार 31 अगस्त को सुनवाई से पहले 25 अगस्त को कैबिनेट की बैठक में राज्यपाल (सक्षम प्राधिकारी) से मुकदमा न चलाने संबंधी अनुशंसा का फैसला लेकर प्रस्ताव भेजा, जिसे अनुमोदन के साथ उन्होंने लौटा दिया है। सूत्रों की मानें तो गृह विभाग ने विधि एवं विधायी विभाग से आदेश के प्रारूप का परीक्षण कराकर मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा है। यहां से स्वीकृति मिलते ही विभाग सरकार के फैसले के आधार पर आदेश जारी कर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट भेजेगा।

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live