RBI के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू एक हफ्ते में 2.19 अरब डॉलर घटी, गवर्नर बोले- सोना नहीं बेचा गया

Editor
5 Min Read
RBI के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू एक हफ्ते में 2.19 अरब डॉलर घटी, गवर्नर बोले- सोना नहीं बेचा गया
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

नई दिल्‍ली
भारतीय रिजर्व बैंक के गोल्‍ड रिजर्व वैल्‍यू में गिरावट आई है. यह वैल्‍यू 2 अरब डॉलर से ज्‍यादा कम हो चुका है. RBI के नए वीकली रिपोर्ट में 29 मई, 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान उसके सोने के भंडार की वैल्‍यू में 2.19 अरब डॉलर की गिरावट आई है। 

इस गिरावट से बाजार में यह अटकलें लगने लगीं कि RBI ने अपने सोने के भंडार का कुछ हिस्‍सा बेच दिया होगा, लेकिन गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि केंद्रीय बैंक का गोल्‍ड रिजर्व बरकरार है, बल्कि इसमें मामूली बढ़ोतरी हुई है। 

RBI के आंकड़ों के अनुसार, 29 मई तक गोल्‍ड रिजर्व की वैल्‍यू 112.60 अरब डॉलर थी. इसी सप्ताह के दौरान, फॉरेन करेंसी असेट (भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक) में 3.12 अरब डॉलर की बढ़ोतरी देखी गई और यह बढ़कर 546.15 अरब डॉलर हो गया. गोल्‍ड रिजर्व की रिपोर्ट किए गए वैल्‍यू में गिरावट के बावजूद, विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में बढ़ोतरी ने देश की पूरी रिजर्व स्थिति को मजबूत करने में मदद की। 

सोने के भंडार में गिरावट? 
RBI ने स्पष्ट किया कि सोने के भंडार में गिरावट खासतौर पर वैल्‍यू में बदलाव के कारण हुई है, न कि कीमती धातु की बिक्री के कारण. सोने के भंडार अमेरिकी डॉलर में दर्ज किए जाते हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार प्राइस के आधार पर हर सप्ताह इनका वैल्‍यूवेशन किया जाता है. इसी कारण, वैश्विक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मुद्रा के परिवर्तन भंडार के रिपोर्ट किए गए प्राइस को काफी हद तक प्रभावित कर सकते हैं, चाहे केंद्रीय बैंक के पास मौजूद सोने की मात्रा अनचेंज रहे। 

शुक्रवार को मॉनेटरी पॉलिसी के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मल्होत्रा ​​ने कहा कि ऐसी खबरों का कोई आधार नहीं है जिनमें यह सुझाव दिया गया है कि आरबीआई ने सोना बेचा है. उन्‍होंने  कहा कि नहीं, RBI ने सोना नहीं बेचा है. हमारे सोने के भंडार में मामूली बढ़ोतरी हुई है। 

RBI ने ब्लूमबर्ग की रिपोर्टों का खंडन किया
यह स्पष्टीकरण ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के एक विश्लेषण के बाद आया है जिसमें सुझाव दिया गया था कि भंडार के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि 22 मई को समाप्त होने वाले दो सप्ताह की अवधि के दौरान लगभग 12 अरब डॉलर वैल्‍यू के सोने की बिक्री हुई, जबकि इसी अवधि में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में वृद्धि हुई. इस विश्लेषण के कारण यह अटकलें लगाई गईं कि वैश्विक बाजार की अनिश्चितता के बीच केंद्रीय बैंक ने रुपये को सहारा देने या अपनी विदेशी मुद्रा स्थिति को मजबूत करने के लिए सोने के भंडार का उपयोग किया होगा। 

हालांकि, आरबीआई ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उसके पास मौजूद सोने का फिजिकल रिजर्व 880.52 टन पर अनचेंज है. केंद्रीय बैंक ने इस बात पर जोर दिया कि सोने के भंडार के प्राइस में होने वाले उतार-चढ़ाव को वास्तविक भंडार में होने वाले बदलाव से भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें लाभ और नुकसान भंडार प्रबंधन की एक नियमित प्रक्रिया है। 

पीआईबी ने भी खबरों का किया खंडन 
सरकार की सूचना जांच एजेंसी, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने भी सोने की बिक्री से जुड़ी खबरों को 'फर्जी' बताया. आरबीआई के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए, पीआईबी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है. सितंबर 2025 के अंत में कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 13.92% थी, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70% हो गई और 22 मई 2026 तक और बढ़कर 16.85% हो गई। 

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *