राजस्थान की सौर ऊर्जा पहुंचेगी हरियाणा-पंजाब, ₹12 हजार करोड़ की परियोजना पर काम तेज

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 फतेहाबाद
 राजस्थान के मरुस्थल में तैयार हो रही सस्ती और हरित सौर ऊर्जा जल्द ही हरियाणा और पंजाब के शहरों तक पहुंचाने की तैयारी है। करीब 12 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत बीकानेर से 400 केवी की हाई वोल्टेज बिजली लाइनें सिवानी मंडी तक पहुंचेंगी और यहां से अलग-अलग रूट के जरिए आगे भेजी जाएंगी।

इसी कड़ी में फतेहाबाद जिले में सिवानी-पातड़ा 400 केवी और सिवानी-फतेहाबाद पावर ग्रिड परियोजनाओं पर काम चल रहा है। दोनों परियोजनाओं के तहत जिले में कुल 138 लोकेशन पर कार्य से संबंधित गतिविधियां की जानी हैं।

बुधवार को डीसी डॉ. विवेक भारती ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) की बैठक में इन परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में तय मानदंडों के अनुसार गुणवत्तापूर्वक कार्य पूरा करने और विभिन्न विभागों व एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल रखने के निर्देश दिए।ॉ

सिवानी-फतेहाबाद रूट पर 51 लोकेशन
बैठक में पावर ग्रिड के अधिकारियों ने बताया कि सिवानी-पातड़ा 400 केवी परियोजना के तहत टोहाना और भूना क्षेत्र के 11 गांवों में 87 लोकेशन शामिल हैं। वहीं सिवानी-फतेहाबाद पावर ग्रिड परियोजना के तहत चार गांवों में 51 लोकेशन पर कार्य किया जाना है।

सिवानी मंडी से फतेहाबाद तक प्रस्तावित लाइन की कुल लंबाई 165 किलोमीटर होगी और इस मार्ग पर 197 बड़े बिजली टावर लगाए जाएंगे। इनमें 57 पोल सिवानी क्षेत्र, 89 हिसार जिले की सीमा और 51 पोल फतेहाबाद जिले में लगाए जाएंगे। परियोजना के तहत फतेहाबाद शहर के बस स्टैंड के समीप स्थित 220 केवी सब-स्टेशन तक बिजली लाइन पहुंचाने की योजना है।

पातड़ा तक जाएगा दूसरा 400 केवी रूट
दूसरी 400 केवी लाइन सिवानी से पंजाब के पातड़ा तक जाएगी। इसकी कुल लंबाई 281 किलोमीटर होगी और पूरे रूट पर 354 बड़े बिजली पोल लगाए जाएंगे। योजना के अनुसार भिवानी में 57, हिसार में 118, फतेहाबाद में 85 और जींद में आठ स्थानों पर पोल स्थापित किए जाएंगे।

इसके बाद लाइन पंजाब में प्रवेश करेगी, जहां संगरूर में 48 और पातड़ा क्षेत्र में 38 स्थानों पर टावर खड़े किए जाएंगे। राजस्थान में बड़े स्तर पर सोलर सिस्टम और पार्क स्थापित होने के बाद वहां अतिरिक्त हरित ऊर्जा का उत्पादन बढ़ा है।

इसी अतिरिक्त ऊर्जा को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने के लिए नई 400 केवी लाइन बिछाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार लाइन के पूरी तरह चालू होने से जिले सहित पूरे उत्तर भारत में बिजली की सप्लाई सुदृढ़ होगी।

मुख्य सचिव ने भी वीसी के माध्यम से की समीक्षा
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रगति की बैठक में जिले में चल रही पावर ग्रिड परियोजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति, कार्यों की समयसीमा और संबंधित विभागों व एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा की।

डीसी डॉ. विवेक भारती ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की नियमित मानिटरिंग की जाए और किसी भी स्तर पर प्रशासनिक, तकनीकी या अन्य समस्या सामने आने पर आपसी समन्वय से उसका शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

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