राजस्थान ग्रामीण सेवा शिविर-2026: 5.76 लाख लोगों को मिला लाभ

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राजस्थान ग्रामीण सेवा शिविर-2026: 5.76 लाख लोगों को मिला लाभ
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लखनऊ
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आमजन को प्रशासन के द्वार तक लाने के बजाय प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने की अवधारणा के साथ संचालित जनकल्याण शिविर अभियान के अंतर्गत आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरे हैं। इन शिविरों का आयोजन 12 जून से हो रहा है।  इस अभियान के तहत 16 जून तक प्रदेशभर में 1407 शिविर आयोजित किए गए। इनमें विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं से 5 लाख 76 हजार 292 से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए हैं। शिविरों में वर्षों से लंबित प्रकरणों का मौके पर निस्तारण कर आमजन को राहत प्रदान की जा रही है।

राजस्व विभाग बना त्वरित समाधान का माध्यम
राजस्व विभाग द्वारा शिविरों में 16 जून तक ई-धरती पोर्टल के माध्यम से 20,057 नामांतरण, 5,039 सीमाज्ञान एवं पत्थरगढ़ी प्रकरण तथा 2,855 आपसी सहमति से विभाजन प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा 42,216 जाति, मूल निवास एवं हैसियत प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसी प्रकार 19,035 राजस्व अभिलेखों का शुद्धिकरण, 1,817 रास्ता प्रकरणों का समाधान तथा 815 अतिक्रमण,749 गैर खातेदारी से खातेदारी संबंधी प्रकरणों में कार्यवाही की गई। शिविरों के माध्यम से 39,267 किसान फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकृत किए गए।

पंचायत राज विभाग ने पट्टा वितरण में बनाया नया रिकॉर्ड
पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीणों को स्वामित्व अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गईं। अभियान अवधि में 87,626 पट्टे जारी किए गए। इनमें राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के तहत बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को लाभ मिला। इसी प्रकार 5,369 विमुक्त , घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमंतू परिवारों को पट्टे जारी किये गये। साथ ही 7,762 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय स्वीकृतियां,2,038 सामुदायिक स्वच्छता परिसर को ​क्रियाशील बनाया, 9,325 सोख्ता गड्ढों एवं मैजिक पिटों की स्वीकृतियां तथा 10,921 सोख्ता गड्ढों एवं मैजिक पिटों की सफाई की गई। साथ ही 5,12,161 ग्रामीणों को ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 की जानकारी प्रदान की गई।

स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचीं गांव-गांव
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविरों में 2 लाख 83 हजार 745 लोगों का उपचार किया गया। 1 लाख 84 हजार 250 व्यक्तियों की एनसीडी स्क्रीनिंग, 1 लाख 31 हजार 563 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग, 57,821 महिलाओं की कैंसर स्क्रीनिंग तथा 8,747 बच्चों का टीकाकरण किया गया। इसी प्रकार 12,165 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच एवं 3,471 महिलाओं की ​सिकल सैल रोग की स्क्रीनिंग की गई। इसके अतिरिक्त 20,221 पीएमजेवाई कार्ड वितरित किए गए और 1,724 पोषण किटें प्रदान की गईं।

पशुपालन एवं कृषि क्षेत्र को मिला विशेष लाभ
पशुपालन विभाग द्वारा 3 लाख 38 हजार 528 पशुओं को कृमिनाशक दवा, 2 लाख 8 हजार से अधिक पशुओं का एच.एस ,बी.क्यू. एवं पी.पी.आर. टीकाकरण,2,07,491 पशुओं का एमएफडी टीकाकरण तथा 39,912 पशुओं का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत बीमा किया गया। वहीं कृषि एवं उद्यानिकी विभाग ने 3 लाख 33 हजार 472 किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की तथा 25,416 प्रधानमंत्री फसल बीमा पॉलिसियां वितरित कीं।

ऊर्जा विभाग ने बिजली संबंधी शिकायतों का किया त्वरित समाधान
ऊर्जा विभाग द्वारा 9,504 विद्युत आपूर्ति बाधा संबंधी शिकायतों, 7,444 ढीले तार एवं खंभों से संबंधित समस्याओं, तथा 2,191 लोड संबंधी शिकायतों का निस्तारण किया गया। साथ ही 1,344 नए विद्युत कनेक्शन जारी किए गए। इसी प्रकार 1,465 त्रुटिपूर्ण मीटर एवं 988 ट्रान्सफॉर्मर संबंधी शिकायतों का निस्तारण किया गया।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मिला लाभ
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 4,381 पालनहार सत्यापन, 702 सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन, तथा 354 संयुक्त सहायता योजना आवेदनों का निस्तारण किया गया। दिव्यांगजन हितार्थ विभिन्न योजनाओं के आवेदन भी स्वीकृत किए गए।

खाद्य, पेयजल एवं शिक्षा सेवाओं में उल्लेखनीय प्रगति
खाद्य विभाग ने 7,033 एनएफएसए परिवारों की ई-केवाईसी, 5,962 नए पात्र परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने तथा 5,124 राशन कार्डों की एलपीजी आईडी मैपिंग का कार्य किया। जल संसाधन विभाग ने मानसून पूर्व तैयारियों के अंतर्गत 168 जल भराव के क्षेत्रों, 126 जल निकासी मार्गों, 103 बांधों की मरम्मत एवं चिन्हांकन से संबंधित अनेक प्रस्ताव तैयार किए।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 4,812 पेयजल गुणवत्ता जांच, 3,728 पाइप लाइन लीकेज मरम्मत, 3,078 हैंडपंप मरम्मत तथा 4,441 अन्य पेयजल शिकायतों का निस्तारण किया गया। शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए 1 लाख 70 हजार 133 विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित किया।

वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण को दिया जनआंदोलन का स्वरूप
ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया। विभाग द्वारा 16 जून तक 2 लाख 29 हजार 873 पौधों का वितरण किया गया। साथ ही वन भूमि संबंधी प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष प्रयास करते हुए 368 परिवादों का समाधान किया गया तथा राजस्व विभाग के सहयोग से वन भूमि पर अतिक्रमण चिन्हांकन एवं सीमांकन संबंधी कार्यवाही भी संपादित की गई। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के प्रति भी जागरूक किया गया।

परिवहन विभाग ने पात्र नागरिकों को प्रदान की राहत
परिवहन विभाग द्वारा शिविरों में विशेष योग्यजन एवं अन्य पात्र नागरिकों को परिवहन सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्य किया गया। विभाग ने 632 विशेष योग्यजन पास तथा 2,162 अन्य पात्र नागरिकों को पास जारी कर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित की। शिविरों में आमजन को परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं एवं सुविधाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।

आयुर्वेद विभाग की सेवाओं का लाभ हजारों ग्रामीणों को-
आयुर्वेद विभाग द्वारा आयोजित चिकित्सा परामर्श शिविरों में ग्रामीणों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। विभाग ने 78 हजार 688 रोगियों को आयुर्वेदिक परामर्श प्रदान किया तथा 45 हजार 248 रोगियों को औषधियां वितरित कीं। आयुर्वेद विशेषज्ञों ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूक करते हुए रोगों की रोकथाम संबंधी उपयोगी जानकारी भी दी।

सैनिक कल्याण विभाग ने पूर्व सैनिकों एवं आश्रितों की समस्याओं का किया समाधान
सैनिक कल्याण विभाग द्वारा शिविरों में पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं एवं उनके आश्रितों को राहत प्रदान की गई। विभाग ने 113 पेंशन संबंधी प्रकरणों का निस्तारण किया तथा 39 पूर्व सैनिकों एवं विधवाओं के पहचान पत्र जारी किए। इसके अतिरिक्त 1,963 नागरिकों को केंद्र एवं राज्य सरकार की सैनिक कल्याणकारी योजनाओं एवं नवीन निर्णयों की जानकारी उपलब्ध कराई गई।

सहकारिता विभाग ने किसानों को दी वित्तीय सशक्तिकरण की जानकारी
सहकारिता विभाग द्वारा किसानों को सहकारी ऋण एवं कृषि वित्तीय सेवाओं से जोड़ने के लिए व्यापक प्रयास किए गए। विभाग ने 18 हजार 774 प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन किया तथा 1 लाख 49 हजार 243 किसानों को अल्पकालीन फसली ऋण एवं कृषि ऋण सुविधाओं के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई। इससे किसानों को संस्थागत ऋण सुविधाओं का लाभ लेने में सहायता मिलेगी।

जनआधार एवं वित्तीय समावेशन गतिविधियों में उल्लेखनीय उपलब्धियां
शिविरों में वित्तीय समावेशन एवं डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक गतिविधियां संचालित की गईं। जनधन योजना के अंतर्गत 2,300 नए बैंक खाते खोले गए, जबकि 4,074 खातों का पुनः सत्यापन किया गया। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 2,657, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3,041 तथा अटल पेंशन योजना में 804 नए नामांकन किए गए। इसी प्रकार 1,175 नए परिवारों का जनआधार नामांकन, 6,379 नए सदस्यों को जोड़ने तथा 17,660 जनआधार संशोधन कार्य पूर्ण किए गए, जिससे आमजन को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।

ग्रामीण विकास विभाग ने योजनाओं को घर-घर पहुंचाया
ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 4,01,463 बेनर, पोस्टर सहित अन्य प्रचार सामग्री के माध्यम से वीबीजीरामजी योजना के संबंध में  व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। वहीं 6,71,228 नागरिकों को महात्मा गांधी नरेगा योजना से वीबीजीरामजी योजना की शिफ्टिंग के संबंध में जागरूक किया गया तथा 20,428 प्रस्ताव प्राप्त किए गए। विभाग ने 309 स्वयं सहायता समूहों का गठन कर महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने बढ़ाई जनजागरूकता
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के संबंध में लाखों महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक किया गया। विभाग ने 1,932 शिकायतों का निस्तारण किया तथा 1 लाख 71 हजार 547 लाभार्थियों तक पूरक पोषण, 1 लाख 64 हजार 521 लाभार्थियों तक पोषण अभियान और 1 लाख 42 हजार 785 लाभार्थियों तक प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ एवं जानकारी पहुंचाई।

शिविरों में मिला सुशासन का प्रत्यक्ष अनुभव
ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से प्रशासनिक सेवाओं को गांव स्तर तक पहुंचाकर राज्य सरकार ने सुशासन की नई मिसाल प्रस्तुत की है। शिविरों में प्राप्त शिकायतों एवं प्रकरणों का मौके पर निस्तारण होने से ग्रामीणों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप ये शिविर अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

 

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