राजस्थान पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, चार चरणों में मतदान की संभावना

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जयपुर
पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती के चलते राज्य निर्वाचन आयोग, स्वायत्त शासन विभाग, पंचायती राज विभाग और ओबीसी ओबीसी (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग में शुक्रवार को हलचल बढ़ गई। निर्वाचन आयोग ने जहां चुनाव कार्यक्रम तय करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी, वहीं अन्य अधिकारियों ने अदालती आदेश के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कर पालना के प्रयास शुरू कर दिए। इस बीच शुक्रवार तक करीब 25 लाख ओबीसी परिवारों का सर्वे हो चुका है, लेकिन दूरस्थ क्षेत्रों में राजधरा ऐप में तकनीकी समस्याओं के कारण सर्वे कार्य प्रभावित हो रहा है।

राजस्थान पंचायत चुनाव के लिए करीब 6 लाख कार्मिकों की आवश्यकता होगी, जिनमें 3.20 लाख चुनाव कर्मी व 2.80 लाख सुरक्षा कर्मी शामिल होंगे। इनके अलावा निकाय चुनाव के लिए करीब 2.40 कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। इतने कर्मचारी एक साथ उपलब्ध होना संभव नहीं है। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव चार चरण में और निकाय चुनाव दो चरण में कराने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा आयोग ने मध्यप्रदेश से ईवीएम मंगवाने के लिए भी पत्राचार शुरू कर दिया है।

चुनाव में देरी के लिए सरकार जिम्मेदारः निर्वाचन आयोग
उधर, राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह हाईकोर्ट में यह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एससी-एसटी, ओबीसी व महिला आरक्षण की जानकारी बिना चुनाव कराना संभव नहीं, यह जानकारी उपलब्ध कराना और आरक्षण के लिए लॉटरी निकालना राज्य सरकार का दायित्व है। इस बारे में पंचायती राज व स्वायत्त शासन विभाग को कुल छह पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन सरकार ने ओबीसी की जानकारी नहीं होने का हवाला देकर आवश्यक सूचना उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया है। निर्वाचन आयुक्त यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि यह जानकारी मिलने पर वे दो दिन में चुनाव कार्यक्रम घोषित करने को तैयार है और 90 दिन में चुनाव करा दिए जाएंगे।

आयोग की अधिकारियों से चर्चा
जानकारी में आया है कि महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने अदालती आदेश की पालना के लिए ओबीसी आयोग से सर्वे जल्द पूरा कराने का आग्रह किया है। इस बीच आयोग की परेशानी यह है कि राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा तैयार सर्वे ऐप बार-बार तकनीकी दिक्कत कर रहा है और दूरदराज के क्षेत्रों में नेटवर्क की भी समस्या है। इसके अलावा राज्य सरकार ने हाल ही बड़े पैमाने पर तबादले कर दिए थे, जिससे सर्वे में लगे करीब 15 हजार कर्मचारी रिलीव हो चुके। अब उनके स्थान पर नए कर्मचारियों को लगाया जा रहा है। हालांकि शुक्रवार तक करीब 25 लाख ओबीसी परिवारों का सर्वे हो जाने की सूचना है। जिला स्तर पर यह कार्य तेजी से कराया जाए, तो सर्वे कार्य शीघ्र पूरा कराया जा सकता है।

अफसरों ने की मंत्रणा
पंचायती राज, स्वायत्त शासन व ओबीसी आयोग के अधिकारियों ने शुक्रवार को अदालती आदेश की पालना को लेकर मंत्रणा की। बताया जा रहा है, जल्द ही उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कर आदेश की पालना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नहीं दिख रही जातियां
न सर्वे कर रहे ओबीसी आयोग ने कलक्टरों को ओबीसी की जातियों की सूची भेजकर कहा है कि सर्वे ऐप में ओबीसी की सभी जातियां नहीं दिख रही हैं, ऐसे में सूची के अनुसार क्रमवार जातियों का उल्लेख किया जाए।

 

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