छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तैयारी तेज, किसानों को नहीं होगी परेशानी

Editor
3 Min Read

रायपुर
 छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। सरकार ने भी धान खरीदी को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। शुक्रवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी धान खरीदी के दौरान किसानों की सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को पंजीयन और टोकन प्राप्त करने से लेकर खरीदी केंद्र में धान विक्रय तक किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने अधिकारियों को धान खरीदी केंद्रों में बारदाना, इलेक्ट्रॉनिक तौल, बिजली, पेयजल सहित किसानों की सुविधा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

खरीदी शुरू होने से पहले दूर करें कमियां
विभागीय समीक्षा बैठक में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की तैयारियों, कस्टम मिलिंग, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्यान्न भंडारण एवं परिवहन सहित विभागीय योजनाओं और गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी होनी चाहिए। खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों में आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं की उपलब्धता का परीक्षण कर कमियों को दूर किया जाए।

किसानों की सुविधा का रखें विशेष ध्यान
मंत्री ने कहा कि खरीदी केंद्र तक पहुंचने वाले किसान को अनावश्यक प्रतीक्षा अथवा असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। टोकन व्यवस्था सुचारु रखी जाए और किसानों को प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। धान खरीदी से जुड़े अधिकारी अपने-अपने स्तर पर तैयारियों की नियमित समीक्षा करें और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

उन्होंने खरीदी केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि बारदाने की कमी के कारण खरीदी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। नए धान खरीदी केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक माप-तौल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी केंद्रों में बिजली, पेयजल एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहें।

धान का उठाव भी सही समय पर हो
खाद्य मंत्री ने कस्टम मिलिंग की स्थिति की समीक्षा करते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों अथवा केंद्रों में धान के उठाव या कस्टम मिलिंग से संबंधित समस्या सामने आ रही है, वहां वास्तविक स्थिति का आकलन कर समयबद्ध समाधान किया जाए। धान खरीदी, उठाव और कस्टम मिलिंग के बीच बेहतर समन्वय रखा जाए, जिससे पूरी व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित हो सके।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live