हरियाणा के निकाय चुनाव में सियासी घमासान, भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला

Editor
6 Min Read
हरियाणा के निकाय चुनाव में सियासी घमासान, भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

 चंडीगढ़

 नगर निगम और नगरपालिका चुनाव इस बार स्थानीय मुद्दों से आगे बढ़कर राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई में बदल गए हैं। अंबाला, सोनीपत, पंचकूला, सांपला और उकलाना में भाजपा और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है।

कहीं पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने हैं तो कहीं विकास बनाम भ्रष्टाचार और बदहाली चुनावी केंद्र बने हुए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तक कई बड़े नेताओं ने चुनाव प्रचार किया। उकलाना में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी सैलजा का प्रभाव और कांग्रेस की मजबूत पकड़ मानी जाती रही है, ऐसे में भाजपा के लिए यह किला भेदना आसान नहीं माना जा रहा।

भाजपा ट्रिपल इंजन सरकार और विकास कार्यों को मुद्दा बना रही है, जबकि कांग्रेस स्थानीय समस्याओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ चुनाव मैदान में है। अब सभी प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद होगी। कुछ जगह निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी ताकत दिखा रहे हैं।

सोनीपत नगर निगम चुनाव में भाजपा विकास माडल और ट्रिपल इंजन सरकार को मुद्दा बनाकर प्रचार कर रही है, जबकि कांग्रेस नगर निगम कार्यालय में प्रॉपर्टी आइडी, भ्रष्टाचार और शहर की बदहाल व्यवस्था को चुनावी केंद्र बना रही है। भाजपा प्रत्याशी राजीव जैन अपने नौ महीने के कार्यकाल और सरकार के समर्थन को आधार बनाकर वोट मांग रहे हैं।

उनके समर्थन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, सांसद मनोज तिवारी और कई मंत्री प्रचार कर चुके हैं। दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी कमल दिवान के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, दीपेंद्र हुड्डा, राज बब्बर और अन्य नेता मैदान में उतरे। कांग्रेस पेयजल, सड़क, सीवर, स्ट्रीटलाइट और सफाई व्यवस्था को मुद्दा बना रही है। चुनाव में शहरी मतदाताओं के साथ निगम क्षेत्र में शामिल गांवों के वोट भी अहम माने जा रहे हैं।

पंचकूला: संगठनात्मक ताकत और पलायन के असर की परीक्षा
पंचकूला नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। भाजपा प्रत्याशी श्यामलाल बंसल के समर्थन में मुख्यमंत्री सहित कई मंत्री और राष्ट्रीय स्तर के नेता प्रचार में पहुंचे। भाजपा ने कई आजाद उम्मीदवारों को अपने पक्ष में बैठाकर चुनावी माहौल मजबूत करने का प्रयास किया।

दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी सुधा भारद्वाज को संगठनात्मक कमजोरी और नेताओं के भाजपा में जाने से नुकसान झेलना पड़ा। कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन के सहारे चुनाव मैदान में सक्रिय रही। यहां इनेलो और आम आदमी पार्टी भी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। भाजपा 2020 की जीत दोहराने का दावा कर रही है, जबकि कांग्रेस स्थानीय मुद्दों और जनसंपर्क के भरोसे चुनाव लड़ रही है।

सांपला पालिका: हुड्डा के प्रभाव क्षेत्र में भाजपा की परीक्षा
रोहतक जिले की सांपला नगरपालिका चुनाव इस बार स्थानीय निकाय से आगे बढ़कर राजनीतिक प्रतिष्ठा का केंद्र बन गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रभाव वाले क्षेत्र में भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन तक भाजपा संगठन और उसके नेता प्रत्याशी के समर्थन में सक्रिय दिखाई दिए। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी रही कि चुनावी गतिविधियों पर प्रदेश स्तर तक लगातार नजर रखी गई।

भाजपा इस चुनाव को हुड्डा प्रभाव वाले क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है। दूसरी ओर कांग्रेस समर्थित खेमे और निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी रोड शो, नुक्कड़ सभाओं और जनसंपर्क के जरिए पूरी ताकत लगाई। चुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ राजनीतिक साख की लड़ाई भी खुलकर दिखाई दी। ननपा क्षेत्र के 15 हजार 624 मतदाता चेयरमैन पद के 10 और वार्डों के 53 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे।

उकलाना पालिका: कांग्रेस के गढ़ में कमल खिलाने की चुनौती
हिसार जिले की उकलाना नगरपालिका चुनाव इस बार भाजपा के लिए राजनीतिक परीक्षा बन गया है। विधानसभा क्षेत्र में अब तक भाजपा को सफलता नहीं मिली है और यहां कांग्रेस का प्रभाव माना जाता रहा है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी सैलजा का ये गृहक्षेत्र है ऐसे में भाजपा ने पहली बार चुनाव चिह्न पर वरिष्ठ नेता एवं वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के पूर्व चेयरमैन श्रीनिवास गोयल की पुत्रवधु निकिता गोयल को मैदान में उतारा है।

दूसरी ओर निर्दलीय प्रत्याशी रीमा सोनी को कांग्रेस, इनेलो और आम आदमी पार्टी का समर्थन मिला हुआ है। रीमा पूर्व पार्षद की बेटी हैं। चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री से लेकर कई मंत्री भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में पहुंचे, जबकि कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल और अन्य नेताओं ने भी पूरी ताकत झोंकी। पूर्व मंत्री अनूप धानक भी भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में सक्रिय रहे।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *