हिसार विवाद पर पुलिस को क्लीन चिट, ADGP ने कार्रवाई को बताया सही

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हिसार विवाद पर पुलिस को क्लीन चिट, ADGP ने कार्रवाई को बताया सही
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हिसार

 हरियाणा के हिसार में दुष्यंत चौटाला और सीआईए टीम से जुड़े विवाद पर बड़ा अपडेट सामने आया है. हिसार रेंज के एडीजीपी केके राव ने पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराते हुए क्लीन चिट दे दी है. हालांकि, इस मुद्दे को लेकर अब एसपी और पूर्व डिप्टी सीएम के बीच वार पलटवार भी देखने को मिला है.

सोमवार शाम 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने एडीजीपी से उनके कार्यालय में मुलाकात की. इस दौरान हिसार की कमिश्नर भारती भी मौजूद रहीं. खास बात यह रही कि इस प्रतिनिधिमंडल के साथ दुष्यंत चौटाला भी बैठक में शामिल हुए. मुलाकात का करीब 50 सेकंड का वीडियो हिसार पुलिस द्वारा जारी किया गया, जिसमें बातचीत के कुछ अंश साझा किए गए हैं.

वीडियो में क्या दिखा?
जारी वीडियो में एडीजीपी केके राव पुलिस का पक्ष लेते नजर आए. उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरे मामले की बारीकी से जांच की है और पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह सही है. एडीजीपी ने यह भी कहा कि पुलिस को सिविल एरिया में जाकर चेकिंग करने का अधिकार है.

इस पर दुष्यंत चौटाला ने तंज कसते हुए कहा, “आप तो एसपी के भी गुरु बन गए.” इसके जवाब में ADGP ने कहा, “मैं एसपी का गुरु हूं, इसलिए यहां बैठा हूं.”

दुष्यंत चौटाला ने सवाल उठाया कि कहीं भी यह नहीं लिखा कि पुलिस सादी वर्दी में जाकर रेड कर सकती है. इस पर एडीजीपी ने जवाब दिया कि पुलिस का मुख्य काम कानून व्यवस्था बनाए रखना और न्याय दिलाना है. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई करना बंद कर दे, तो अपराध बढ़ सकते हैं.

इस मामले में अभी तक जननायक जनता पार्टी (JJP) की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. उधर, पुलिस को क्लीन चिट मिलने के बाद यह मामला फिलहाल शांत होता दिख रहा है, लेकिन राजनीतिक और कानूनी बहस जारी रहने की संभावना है.

महापंचायत में क्या हुआ
उधऱ, हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) शुरु हुए इस विवाद को लेकर सोमवार को क्रांतिमान पार्क में जननायक जनता पार्टी (JJP) की ओर से ‘छात्र हित महापंचायत’ आयोजित की गई. महापंचायत में कई अहम फैसले लिए गए और सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया गया. महापंचायत में तय किया गया कि 21 सदस्यीय कमेटी कमिश्नर और एडीजीपी से मुलाकात कर छात्रों और पार्टी का पक्ष रखेगी. साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि 5 दिन में मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को तेज किया जाएगा.

महापंचायत की प्रमुख मांगें
    महापंचायत में छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए. इस 21 सदस्यीय कमेटी में 10 छात्र ओर 11 खापों के प्रधान शामिल है.
    मुख्य मांगों में सस्पेंड किए गए सभी छात्रों की तुरंत बहाली.
    कुरुक्षेत्र और हिसार में छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी.
    यूनिवर्सिटी परिसर में सभी छात्र संगठनों को कार्यक्रम करने की अनुमति शिक्षा शुल्क नियंत्रण के लिए रेगुलेटरी बोर्ड का गठन छात्रों के लिए एक्टिविटी सेंटर का निर्माण.
    मेस के भोजन की गुणवत्ता की जांच, छात्र-पुलिस विवाद की निष्पक्ष जांच के लिए SIT का गठन.

महापंचायत में पहुंचे पूर्णिया (बिहार) से सांसद पप्पू यादव ने कहा कि हरियाणा का यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा. उन्होंने दुष्यंत चौटाला के समर्थन में कहा कि इस संघर्ष में “पूरा बिहार और देश साथ खड़ा है. उधर, पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर आरोप लगाया कि परिसर में आरएएस और भाजपा की विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है.

गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में विवाद
यह पूरा विवाद 15 अप्रैल को GJU में शुरू हुआ, जब कार्यक्रम की अनुमति न मिलने पर दिग्विजय चौटाला के नेतृत्व में JJP कार्यकर्ताओं ने वीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. इस दौरान तोड़फोड़ के आरोप में दिग्विजय समेत 8 नेताओं पर केस दर्ज हुआ और 6 को गिरफ्तार किया गया, हालांकि अगले दिन उन्हें जमानत मिल गई. 17 अप्रैल को एफआईआर के विरोध में दुष्यंत चौटाला गिरफ्तारी देने जा रहे थे, तभी रास्ते में उनका सीआईए इंचार्ज पवन कुमार से विवाद हो गया.

दुष्यंत ने आरोप लगाया कि उनका काफिला रोककर धमकाया गया, जबकि पुलिस अधिकारी का कहना था कि एस्कॉर्ट गाड़ी के ड्राइवर की लापरवाही के चलते उसे रोका गया. मामले की जांच कर रही SIT ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. सूत्रों के मुताबिक, सीआईए इंचार्ज पवन कुमार को क्लीन चिट दे दी गई है. महापंचायत के अल्टीमेटम के बाद अब नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर है. यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं होतीं, तो हरियाणा में यह आंदोलन और तेज हो सकता है, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा सकता है.

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