एनएमडीसी ने पहली तिमाही की अब तक की सर्वाधिक मात्रा दर्ज की, 60 एमटी लक्ष्य के लिए गति बनाई

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एनएमडीसी ने पहली तिमाही की अब तक की सर्वाधिक मात्रा दर्ज की, 60 एमटी लक्ष्य के लिए गति बनाई
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हैदराबाद

 भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक और जिम्मेदार खनिक एनएमडीसी ने स्थापना के बाद से अपनी पहली तिमाही का अबतक का सर्वोच्च उत्पादन और बिक्री दर्ज करके वित्त वर्ष 27 की शुरुआत की है, जिससे भारत की इस्पात मूल्य-श्रृंखला की रीढ़ के रूप में इसकी स्थिति मजबूत हुई है ।

कंपनी ने वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के दौरान 15.10 एमटी लौह अयस्क का उत्पादन किया, जो वर्ष-दर-वर्ष 26% की वृद्धि दर्शाता है, जबकि बिक्री 11.75 एमटी हुई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2% की वृद्धि दर्शाती है । यह रिकॉर्ड तिमाही प्रदर्शन निरंतर घरेलू मांग, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में अपने खनन परिसरों में परिचालन उत्कृष्टता और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर कंपनी के निरंतर ध्यान को दर्शाता है ।

तिमाही को और अधिक गतिशील बनाते हुए एनएमडीसी ने 5.15 एमटी के उत्पादन और 3.98 एमटी की बिक्री के साथ जून माह में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया, जो वर्ष-दर-वर्ष क्रमशः 44% और 11% की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है । 
इस प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए श्री अमिताभ मुखर्जी, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, एनएमडीसी ने कहा, "बुनियादी ढांचे और विनिर्माण क्षेत्र में भारत का निरंतर निवेश लौह अयस्क की मांग को मजबूत करता है, और एनएमडीसी इस आवश्यकता को पैमाने, दक्षता और जिम्मेदारी के साथ पूरा कर रहा है । हमारी अब तक की सबसे मजबूत पहली तिमाही हमारे संचालन की सुस्थिरता, हमारे कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और घरेलू इस्पात उद्योग द्वारा हम पर रखे गए विश्वास को दर्शाती है । जैसे-जैसे हम खनन क्षमताओं का विस्तार करते हैं, लॉजिस्टिक्स को मजबूत करते हैं और अपने बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करते हैं, हम एक वैश्विक खनन पावरहाउस बनने की अपनी दीर्घकालिक आकांक्षा की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं ।”

इस्पात की मजबूत घरेलू मांग और सरकार के बुनियादी ढांचे के प्रोत्साहन से प्रेरित होकर, एनएमडीसी अपने खनन कार्यों के चरणबद्ध संवर्धन, रणनीतिक खदान विकास और आधुनिक निकासी बुनियादी ढांचे में निवेश के माध्यम से अपनी क्षमता-विस्तार रोडमैप में तेजी ला रहा है । यह पहलें लगातार कंपनी की उत्पादन क्षमताओं को बढ़ा रही हैं, जिससे यह अपने महत्वाकांक्षी 100 एमटी क्षमता के दृष्टिकोण पर दृढ़ता से आगे बढ़ रही है, साथ ही भारत के दीर्घकालिक इस्पात विकास का समर्थन करने के लिए लौह अयस्क की एक विश्वसनीय और उच्च-गुणवत्ता वाली आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है । 

रिकॉर्ड तिमाही प्रदर्शन ने वित्त वर्ष 27 के लिए मजबूत गति प्रदान की है, जिससे एनएमडीसी को अपने दीर्घकालिक 100 एमटी विजन की ओर तेजी से आगे बढ़ाते हुए अपने 60 एमटी उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगी ।

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