बिहार विधान परिषद पहुंचे निशांत कुमार और पवन सिंह, 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित

Editor
4 Min Read
बिहार विधान परिषद पहुंचे निशांत कुमार और पवन सिंह, 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

पटना
बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव और उपचुनाव के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे एवं स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एमएलसी बन गए हैं। भोजपुरी स्टार पवन सिंह भी सदन पहुंच गए हैं। एनडीए के 9 और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एक उम्मीदवार ने निर्विरोध चुनाव में जीत दर्ज की। गुरुवार को नाम वापसी की अवधि खत्म होने के बाद सभी को विजयी घोषित कर दिया गया। दूसरी ओर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) चीफ उपेंद्र कुशवाहा के बेटे एवं पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश एमएलसी बनने से चूक गए। उन्हें एनडीए ने प्रत्याशी नहीं बनाया था। अब उनका मंत्री पद संकट में आ गया है।

बिहार विधान परिषद की विधानसभा कोटे वाली 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव पूरे हो गए हैं। इसके अलावा, पूर्व सीएम नीतीश कुमार द्वारा खाली की गई एक सीट पर भी उपचुनाव हुआ। सोमवार को कुल 10 सीटों पर 10 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। इनमें से 9 सीटों पर एनडीए और विपक्ष से एक प्रत्याशी ने पर्चा भरा। 10 सीटों पर 10 कैंडिडेट ही होने से मतदान की नौबत नहीं आई और सभी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

इसके पहले सभी 10 प्रत्याशियों का नामांकन वैध पाया गया था। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच में सभी दलीय उम्मीदवार के पर्चे सही पाए गए थे। इसके साथ ही सभी का निर्वाचन तय हो गया था। MLC चुनाव जीतने वालों में 4-4 भाजपा एवं जदयू के हैं, जबकि एक-एक उम्मीदवार लोजपा (रामविलास) और आरजेडी के हैं।

ये नेता बने एमएलसी
नवनिर्वाचित एमएलसी में जदयू से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद शामिल हैं। वहीं, भाजपा से भोजपुरी स्टार पवन सिंह संजय प्रकाश मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित का नाम है। लोजपा (रामविलास) के अशरफ अंसारी और आरजेडी के सुनील सिंह भी एमएलसी चुनाव जीते हैं।

दीपक प्रकाश एमएलसी बनने से चूके, मंत्री पद जाएगा?
राज्यसभा सांसद एवं रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश एमएलसी के मंत्री पद पर संशय पैदा हो गया है। वह बिना किसी सदन के सदस्य रहे दो बार बिहार सरकार में मंत्री बनाए गए। उन्होंने पिछले महीने नई सम्राट सरकार के गठन के बाद दूसरी बार मंत्री पद की शपथ ली थी।

नियमों के अनुसार, मंत्री पद पर बने रहने के लिए दीपक प्रकाश को शपथ की तारीख से 6 महीने के अंदर विधानसभा या विधान परिषद में से किसी एक सदन की सदस्यता लेनी होगी। उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीद थी कि वह भाजपा के सहयोग से अपने बेटे को एमएलसी बनाकर दीपक का मंत्री पद सुरक्षित कर लेंगे। हालांकि, भाजपा ने कुशवाहा को सीट नहीं दी। इससे दीपक एमएलसी बनने से चूक गए। अब कुशवाहा आगे क्या कदम उठाएंगे, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *