एमपी ट्रांसको में रात्रिकालीन यार्ड निरीक्षण संस्कृति ने बचाया पॉवर ट्रांसफार्मर, टला बड़ा नुकसान

Editor
3 Min Read

भोपाल
मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में सब स्टेशनों एवं यार्डों के नियमित रात्रिकालीन निरीक्षण की व्यवस्था अब एक कार्यसंस्कृति का रूप ले चुकी है। इसी कार्यसंस्कृति के तहत नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा स्थित 132 केवी सबस्टेशन में रात्रि कालीन निरीक्षण के दौरान 40 एमवीए क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर में उत्पन्न हुई असामान्यता का समय रहते पता चल गया। इससे संभावित बुशिंग फेल्योर, उपकरण क्षति, दुर्घटना तथा विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को टालते हुए एक बड़े आर्थिक नुकसान से बचाव किया जा सका।

रात्रिकालीन निरीक्षण में मिली असामान्यता
पिछले दिनों रात्रिकालीन निरीक्षण के दौरान आउटसोर्स सुरक्षा कर्मी आदर्श लावंशी ने 132 केवी सिवनी मालवा सब स्टेशन के 40 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर से असामान्य आवाज आते हुए सुनी। उन्होंने तत्काल ड्यूटी पर तैनात आउटसोर्स ऑपरेटर श्यामसुंदर गौर एवं नितिन कुमार गौर को इसकी जानकारी दी। तीनों कर्मियों ने स्थिति का सूक्ष्म निरीक्षण किया तथा मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दी।

त्वरित कार्रवाई से टली बड़ी समस्या
सूचना मिलते ही सहायक अभियंता बी.पी. द्विवेदी तथा कार्यपालन अभियंता (परीक्षण) लक्ष्मण आर्य ने अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य के मार्गदर्शन में लोड डिस्पैच सेंटर से समन्वय स्थापित कर संबंधित पावर ट्रांसफार्मर का आपातकालीन शटडाउन कराया। इसके बाद परीक्षण एवं तकनीकी जांच की गई, जिसमें संबंधित बुशिंग के पैरामीटर असामान्य पाए गए। जांच के आधार पर बुशिंग को बदलने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

समय रहते टाला गया संभावित फेल्योर
अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य ने बताया कि यदि बुशिंग की इस असामान्यता का समय रहते पता नहीं चलता तो बुशिंग फेल्योर की स्थिति निर्मित हो सकती थी। ऐसी स्थिति में पावर ट्रांसफार्मर को गंभीर क्षति पहुंचने के साथ दुर्घटना, लंबे समय तक आउटेज तथा आर्थिक नुकसान की संभावना भी थी। उन्होंने कहा कि समय पर की गई रिपोर्टिंग और त्वरित तकनीकी कार्रवाई से संभावित फेल्योर, उपकरण क्षति, दुर्घटना एवं आर्थिक हानि को टाला जा सका।

प्रबंध संचालक ने की सराहना
मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि सबस्टेशनों में की जाने वाली नियमित रात्रिकालीन निगरानी एवं निरीक्षण व्यवस्था विद्युत प्रणाली की विश्वसनीयता तथा उपकरणों की सुरक्षा के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आउटसोर्स ऑपरेटर श्यामसुंदर गौर, नितिन कुमार गौर तथा सुरक्षा कर्मी आदर्श लावंशी की विवेक शीलता,सतर्कता एवं सजगता की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किए जाने के निर्देश दिए।

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live