कैमूर-रोहतास को मिलेगी नई उड़ान, एयरपोर्ट निर्माण और मुंडेश्वरी धाम में रोप-वे की घोषणा

Editor
5 Min Read
कैमूर-रोहतास को मिलेगी नई उड़ान, एयरपोर्ट निर्माण और मुंडेश्वरी धाम में रोप-वे की घोषणा
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

भभुआ.

जिले के भगवानपुर प्रखंड में स्थित सबसे प्राचीन माता मुंडेश्वरी धाम परिसर में मंगलवार को आयोजित सभा को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही रोहतास व कैमूर के बीच जमीन चिह्नित कर एयरपोर्ट बनवाया जाएगा। इसके लिए मैंने पदाधिकारियों को निर्देश दे दिया है।

उन्होंने कहा कि माता मुंडेश्वरी मंदिर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कई कार्य होंगे। यहां लंबित रोप-वे निर्माण का कार्य बरसात के बाद शुरू होगा। मैं अगली बार आऊंगा तो रोप-वे का शिलान्यास करूंगा।

हेलीकॉप्टर की सेवा भी मिलेगी
उन्होंने कहा कि इसके अलावा मां ताराचंडी, तुतला भवानी, गुप्ता धाम आदि धार्मिक स्थलों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए यहां हेलीकॉप्टर की सुविधा शुरू होगी। कैमूर जिले को टूरिस्ट हब के रूप में विकसित करने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा पहाड़ का दृश्य विश्व में शायद ही कहीं देखने को मिले। मां मुंडेश्वरी धाम परिसर में स्थित धर्मशाला का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को लाभ मिले।

सभी प्रखंडों में खुलेंगे मॉडल स्कूल
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बिहार में दो साल के अंदर सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोलेगी। जिसमें सभी तरह की शैक्षणिक व्यवस्था होगी। यहां के बच्चे नीट, जेईई, आईआईटी की तैयारी करने बाहर नहीं जाएंगे। मॉडल स्कूलों में पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के बच्चे भी पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि जब पदाधिकारी व जनप्रतिनिधियों के बच्चे मॉडल स्कूल में पढ़ेंगे तब लगेगा कि बिहार का विकास हो रहा है। कैमूर के बच्चे वाराणसी के बीएचयू में पढ़ने जाते हैं। हमने पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि बिहार की धरती पर बीएचयू की शाखा खोली जाए। इसके लिए भी काम जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सबकी समस्याओं के समाधान के लिए कार्य कर रही है।

सहयोग शिविर के एक माह होने वाले हैं। जिसमें तीन लाख 36 हजार 78 आवेदन आए, जिसमें दो लाख 61628 आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया है, जो 90 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि जो पदाधिकारी दस दिन में कोई आदेश नहीं करता, उसे 11वें दिन नोटिस दिया जाता है। इसके बाद फिर 20 दिन तक आदेश नहीं देने पर 21वें दिन नोटिस दिया जाता है, फिर 25 दिन तक आदेश नहीं करने पर 26वें दिन नोटिस दिया जाती है और यदि पदाधिकारी 30 दिन तक कोई ओदश नहीं करते हैं तो वे 31वें दिन स्वत: निलंबित (सस्पेंड) हो जाएंगे। सीएम ने कहा कि हमारी सरकारी जनता से संवाद यानी जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना चाहती है, ताकि बिहार की जनता कोई परेशानी न झेले।

'अपराधी या तो बिहार छोड़ दें…'
उन्होंने कहा कि बिहार को अपराध मुक्त बनाना है। इसके लिए अपराधी या तो बिहार छोड़ दें या अपराध छोड़ दें। यदि अपराधी पकड़े जाते हैं तो पहले उनसे कहा जाएगा कि वे अपराध छोड़ दें, और यदि इसके बाद भी वे नहीं मानते हैं और अपराध करते हैं तो 48 घंटा के अंदर उन्हें अपराध की श्रेणी की तरह ही जवाब दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि बिहार में बिजली महंगे दर पर खरीदी जाती थी, लेकिन अब बिहार में थर्मल पावर है। यहां जब झारखंड से बिहार अलग हुआ था तब आबादी लगभग 6 करोड़ थी, और अब लगभग 14 करोड़ है। बिहार की आबादी बढ़ने के साथ ही संरचना को भी बढ़ाया गया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम गांव-गांव बिजली पहुंचाएंगे तब तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, हम घर-घर बिजली पहुंचाएंगे। अब हमारी सरकारी 25 लाख बीपीएल लोगों के घरों की छत पर सोलर प्लेट लगाएगी। इससे आगामी 25 वर्ष तक बिजली बिल से मुक्ति और 125 यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन पर सरकार पैसा देगी।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *