“नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” बना जनआंदोलन

Editor
8 Min Read

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व तथा पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में प्रदेश में 15 से 30 जुलाई  2026 तक आयोजित "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" 15  दिवसीय विशेष जनजागरूकता अभियान ने समाज में नशे के प्रति चेतना जागृत करने का ऐतिहासिक कार्य किया। यह अभियान राज्य शासन, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, सामाजिक न्याय विभाग,उच्‍च शिक्षा विभाग, स्‍कूल शिक्षा विभाग, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों एवं आम नागरिकों के सहयोग से जन आंदोलन का रूप ले सका। अभियान का मुख्‍य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्चक्र से दूर रखना, समाज में जागरूकता और सहानुभूति आधारित संवाद को प्रोत्साहित करना, नशा पीड़ितों को पुनर्वास, परामर्श और सहयोग से जोड़ना तथा पुलिस को "Law Enforcer" से आगे बढ़ाकर "Community Leader" के रूप में प्रस्तुत करना था।

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने अभियान की ऐतिहासिक सफलता पर प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों,  जिला प्रशासन , सहयोगी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि "नशे के विरुद्ध यह अभियान केवल पुलिस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे समाज का जनआंदोलन बन गया। प्रदेशवासियों की सहभागिता ने यह सिद्ध किया है कि सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध सामूहिक संकल्प ही सबसे बड़ी शक्ति है। 

15 दिनों तक चला व्यापक जनजागरूकता अभियान

15  दिवसीय अभियान के दौरान प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की गईं। स्थानीय रेडियो और एफएम चैनलों पर प्रसारण, सार्वजनिक स्थलों पर बैनर, पोस्टर , होर्डिंग्स और पंपलेट वितरण के साथ-साथ बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से वीडियो प्रचार किया गया। सफाई वाहनों के पीए सिस्टम से नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। खेतों में काम कर रहें किसानों एवं कारखानों में कार्य कर रहे श्रमिकों तक यह अभियान पहुंचा है,  वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हैशटैग #नशे _से_ दूरी_है _जरूरी 2.0, #SayNoToDrugs और #NashamuktMP  के माध्यम से व्यापक संदेश प्रसारित हुआ।

अभियान के दौरान हर आयोजन स्थल पर "सेल्फी पॉइंट" बनाए गए और नारकोटिक्स से संबंधित शिकायतों व परामर्श के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933, 14446, वेबसाइट https://ncbmanas.gov.in तथा म.प्र. पुलिस नारकोटिक्‍स विभाग का मो.नंबर 7049100785 का प्रचार किया गया। प्रचार सामग्री जैसे कैप्स, रिस्ट बैंड्स, बैजेस, पोस्टर और बैनर भी वितरित किए गए।

अभियान में हार्टफुलनेस संस्था के साथ-साथ सामाजिक न्याय एवं एमएसएमई विभाग की सक्रिय भूमिका रही। नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत, कार्यशालाओं , रैली और प्रतियोगिताओं के माध्यम से संदेश आमजन तक पहुंचाया गया।

राज्य में विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, शहरी वार्डों, और सार्वजनिक स्थलों पर रैली, नुक्कड़ नाटक, कार्यशाला, भाषण प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई। प्रत्येक जिले में सामूहिक रूप से शपथ दिलाई गई।

जन प्रतिनिधि, युवा, महिला समूह, स्कूल छात्र, शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, औद्योगिक श्रमिको, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने अभियान में सक्रिय सहभागिता दी।

अभियान में स्वयंसेवी संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं NGOs, NCC, NSS, NYK, स्काउट-गाइड, महिला मंडल और स्वयं सहायता समूहों ने अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर अभियान को गति दी। 

अभियान से संबंधित पोस्ट, वीडियो और जागरूकता संदेशों ने करोड़ों लोगों तक डिजिटल रूप से पहुंच बनाई।

60 से अधिक प्रतिष्ठित हस्तियाँ बनीं अभियान की आवाज़

फिल्म, टेलीविजन , संगीत, खेल , साहित्य, आध्यात्म , सामाजिक एवं अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों की 60 से अधिक प्रतिष्ठित हस्तियों ने "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान से जुड़कर अपने प्रेरक संदेशों के माध्यम से इसे एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।

अभियान में अभिनेता  गोविंद नामदेव,  पंकज त्रिपाठी,   सुधांशु पांडे,  दयानंद शेट्टी,  जय भानुशाली,  नील नितिन मुकेश,  विवेक ओबेरॉय,  तनुज महाशब्दे,  रजनीश दुग्गल,  अमजद कुरैशी,  कुमुद मिश्रा,  अनूप सोनी,  सचिन श्रॉफ,  शाहबाज़ खान,  राकेश बेदी,  मनीष शर्मा,  विनोद सूर्यवंशी,  कुँवर अमर,  हृषिकेश पांडे,  मुश्ताक़ खान,  रोनित रॉय,  शरमन जोशी,  रोहित तिवारी,  नितेश भालूनी, सु उपासना सिंह, सु रूपाली गांगुली, सु निहारिका चौकसे, सु पलक मुच्छाल, हास्य कलाकार  एहसान कुरैशी,  सुनील ग्रोवर तथा  सुनील पाल ने युवाओं एवं नागरिकों को नशे से दूर रहने का प्रेरक संदेश दिया।

इसी प्रकार संगीत एवं साहित्य जगत से  कैलाश खेर,  पीयूष मिश्रा,  स्वानंद किरकिरे,  अल्ताफ राजा,  तनिष्क शुक्ला, सु मान्या पांडे, सु राखी द्विवेदी, सु रेणुका पंवार, आध्यात्मिक क्षेत्र से विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं हार्टफुलनेस संस्थान के मार्गदर्शक  कमलेश पटेल (दाजी), पंडित प्रदीप मिश्रा, आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पंडित विजय शंकर मेहता, खेल जगत से  रजत पाटीदार,  आवेश खान,  व्यंकटेश अय्यर,  अरशद खान, सु क्रांति गौड़,  सौरव गुर्जर,  कृपाशंकर पटेल,  कपिल परमार एवं  सुरेश वास्तव, साहित्य एवं समाज सेवा के क्षेत्र से पद्म जगदीश जोशीला, पद्म डॉ. कनुभाई हसमुखभाई टेलर,  राजीव वर्मा तथा बेल्जियम की ट्रैवल ब्लॉगर कारला ने भी अभियान का समर्थन करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।

अभियान में बने पाँच विश्व रिकॉर्ड, मध्यप्रदेश पुलिस ने रचा इतिहास

अभियान के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस ने जनभागीदारी के माध्यम से विश्व स्तर पर नई पहचान बनाई। अभियान के अंतर्गत प्रदेश में कुल पाँच विश्व रिकॉर्ड स्थापित हुए, जिन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा मान्यता प्रदान की गई।

इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने 1 लाख 75 हजार  451 नागरिकों को एक साथ नशामुक्ति की ई-शपथ दिलाकर तथा 8,534 नागरिकों की मानव श्रृंखला बनाकर दो अलग-अलग विश्व रिकॉर्ड स्थापित किए।

बड़वानी पुलिस ने 16 हजार 700 ड्राइंग शीट्स पर विद्यार्थियों से नशामुक्ति संबंधी चित्र एवं स्लोगन बनवाकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया।

बुरहानपुर पुलिस ने 113 विद्यालयों के 32 हजार से अधिक विद्यार्थियों द्वारा एक साथ नशामुक्ति संदेश लिखवाकर एवं हस्ताक्षर कराकर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।

वहीं बालाघाट पुलिस ने 1,204 विद्यालयों के लगभग 1 लाख 25 हजार विद्यार्थियों को एक साथ नशामुक्ति की शपथ दिलाने तथा 5 लाख से अधिक नागरिकों की ऑनलाइन सहभागिता के साथ जनजागरूकता का नया कीर्तिमान स्थापित किया, जिसके लिए उसे Certificate of Excellence से सम्मानित किया गया। इन पाँच विश्व रिकॉर्ड्स ने "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशिष्ट पहचान दिलाई तथा मध्यप्रदेश पुलिस की जनसहभागिता आधारित कार्यशैली को वैश्विक मंच पर स्थापित किया।

प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाज की अभूतपूर्व सहभागिता

अभियान में पुलिस अधीक्षक के अतिरिक्‍त जिलों के कलेक्‍टर, जनपद सीईओ, सीएमएचओ, शिक्षा अधिकारियों और सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों की भी सहयोगात्‍मक भूमिका रही। कई विधायकों, नगर निगम और पंचायत प्रतिनिधियों ने विभिन्न कार्यक्रमों में स्वयं उपस्थित होकर अभियान को समर्थन दिया।

नशामुक्त मध्यप्रदेश की दिशा में एक ऐतिहासिक जनआंदोलन

"नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" केवल एक जागरूकता अभियान नहीं रहा, बल्कि यह समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से विकसित एक व्यापक जनआंदोलन बनकर उभरा। प्रदेशभर में लाखों नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। मध्यप्रदेश पुलिस भविष्य में भी जनसहभागिता आधारित ऐसे अभियानों के माध्यम से समाज को सुरक्षित, स्वस्थ एवं नशामुक्त बनाने के लिए सतत प्रयासरत रहेगी।

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live