MP Monsoon Update: कब आएगा मानसून? भीषण गर्मी से जूझ रहे जिलों को जल्द राहत, 60 Kmph तूफान का अलर्ट

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भोपाल
 मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत और आफत दोनों एक साथ दरवाजे पर खड़ी हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके अगले 4 दिनों में मध्यप्रदेश में एंट्री करने की उम्मीद है। हालांकि, मानसून की आधिकारिक दस्तक से पहले ही प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में ओलावृष्टि और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सिवनी जिलों में तेज हवाओं के साथ ओले गिरने की आशंका है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर और सागर समेत करीब 40 से अधिक जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

दूसरी तरफ, पश्चिमी मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, धार और खरगोन जिलों में फिलहाल गर्मी और उमस का असर बना रहेगा।

एमपी में 4 दिन की देरी से आएगा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस साल मध्यप्रदेश में मानसून अपने तय समय से 4 दिन की देरी से एंट्री करेगा। प्रदेश के दक्षिणी हिस्से (बघेलखंड और महाकौशल के रास्ते) से 17-18 जून को मानसून दस्तक दे सकता है। इसके बाद अगले 10 से 15 दिनों में यह धीरे-धीरे पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा। तब तक प्रदेश में प्री-मानसून एक्टिविटीज का दौर इसी तरह जारी रहेगा।

मौसम का चल रहा खेल, कहीं भारी बारिश, कहीं सूखा
मौसम विश्लेषकों का कहना है कि वर्तमान में हो रही बारिश का वितरण बेहद असमान है। पिछले 24 घंटों में पूर्वी मध्यप्रदेश के छतरपुर (गौरिहार में सबसे ज्यादा 56 मिमी), पन्ना, सतना और रीवा में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, सतना में सामान्य से 893% और छतरपुर में 601% अधिक वर्षा हो चुकी है।

इन इलाकों में अभी भी सूखे जैसे हालात
इसके उलट, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम जैसे मध्य व पश्चिमी जिलों में अभी तक सूखे जैसे हालात हैं और लोग पहली अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इस वजह से रीवा और सतना में जहां रात का तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक गिर गया है, वहीं भोपाल-रायसेन में रातें अब भी गर्म हैं।

किसानों के लिए बड़ी चेतावनी, बुआई में न करें जल्दबाजी
मौसम विशेषज्ञों ने खरीफ फसलों (सोयाबीन, धान, मक्का) की तैयारी कर रहे किसानों को विशेष सलाह दी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में हो रही बारिश मुख्यतः स्थानीय बादलों और प्री-मानसून का नतीजा है, यह व्यापक मानसूनी वर्षा नहीं है।

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