मोहन भागवत के WSJ विज्ञापन से हिंदू-अमेरिकियों में गर्व की भावना, नेताओं ने की तारीफ

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वॉशिंगटन 
 हिंदू-अमेरिकी नेताओं ने  'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत वाले एक पूरे पेज के पेड विज्ञापन का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि एकता और विविधता के प्रति सम्मान का संदेश देने वाले इस विज्ञापन ने समुदाय को अपनी विरासत पर गर्व महसूस कराया। यह पेड विज्ञापन अखबार के 3 सितंबर के अंक के पेज ए5 पर छपा था। इसमें भागवत की एक तस्वीर और 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' में उनके भाषण का एक संदेश शामिल था। विज्ञापन में भागवत के हवाले से कहा गया, "हमें अपनी एकता और विविधता का जश्न मनाना चाहिए, उसका सम्मान करना चाहिए और उसे स्वीकार करना चाहिए। भारत की सभ्यतागत सोच 'वसुधैव कुटुंबकम' पर आधारित है, यानी पूरी दुनिया एक परिवार है। भारत इस विविधता का जीता-जागता उदाहरण है।"

विज्ञापन में भागवत को भारत में 'दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन', राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख के तौर पर बताया गया है। इसमें बताया गया कि न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए 'यूनिवर्सल वननेस' इवेंट में अमेरिका के 39 राज्यों के 853 शहरों से 250 संगठनों के 5,000 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पेज पर छपी जानकारी के अनुसार, इस विज्ञापन का खर्च 'आरएसएस फ्रेंड्स' ने उठाया था।
जाने-माने कम्युनिटी लीडर और बिजनेसमैन रमेश भूताडा ने कहा कि यह विज्ञापन हिंदू अमेरिकियों के लिए गर्व की बात है।

भूताडा ने कहा, "वॉल स्ट्रीट जर्नल में पूरे पेज का विज्ञापन देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। यह हिंदू धर्म की असली भावना को दिखाता है और सभी हिंदू अमेरिकियों को अपनी विरासत पर गर्व महसूस कराता है।"

एएचईएडी फोरम के डायरेक्टर सुदेश अग्रवाल ने कहा, "अमेरिका में हिंदू समुदाय ने साफ तौर पर यह दिखाया है कि वे इंसानियत की सामूहिक तरक्की के लिए दूसरे सभी समुदायों के साथ बातचीत और सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह बहुत जरूरी है कि हम इस प्रतिबद्धता को असल कामों में बदलें। हम पूरी लगन के साथ ऐसा करेंगे।"

उन्होंने कहा, "हम 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' का दिल से शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने इस संदेश को जनता तक पहुंचाने के लिए इतना प्रतिष्ठित मंच दिया।"

इस विज्ञापन में भागवत की बातों को 'सबकी एकता' (यूनिवर्सल वननेस) के व्यापक विचार से जोड़ा गया था। इसका मुख्य संदेश विविधता का सम्मान करना और भारतीय सभ्यता के 'वसुधैव कुटुंबकम्' के विचार पर ज़ोर देना था। संस्कृत के इस वाक्यांश का आम तौर पर अर्थ होता है, "पूरी दुनिया एक परिवार है।"

भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक यानी प्रमुख हैं। यह एक हिंदू स्वयंसेवी संगठन है, जिसकी स्थापना 1925 में नागपुर में हुई थी। संगठन 2025 में अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर रहा है और भारत में इसकी स्थानीय शाखाओं और इससे जुड़े संगठनों का एक बड़ा नेटवर्क है।

29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए कार्यक्रम में पूरे अमेरिका से हिंदू-अमेरिकी और सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। यह कार्यक्रम सबकी एकता, सामुदायिक सहयोग और अलग-अलग तरह के समाजों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देने में भारतीय सभ्यता के मूल्यों की भूमिका पर केंद्रित था।

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