विधायक मूणत की कांवड़ यात्रा 23 अगस्त को, CM साय और डॉ. रमन सिंह होंगे शामिल

Editor
3 Min Read

रायपुर.

राजधानी में विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में 23 अगस्त को विशाल कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी. गुढ़ियारी से हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक बोल बम के नारों के साथ कांवड़िए पहुचेंगे. इसमें करीब 10 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं.

कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न राज्यों से बैंड और पारंपरिक दल प्रस्तुति देंगे. कांवड़ यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित मंत्री और रायपुर के विधायक शामिल होंगे.

शिवभक्ति का दिखेगा अद्भुत संगम
देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक दल अपनी विशिष्ट प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता के बीच शिवभक्ति की एकता का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेंगे. उत्तर प्रदेश की महाकाल-अघोरी टीम और महाकाली टीम, दिल्ली की महाकाल अघोरी टीम के साथ विशाल नंदी, केरल का भारत नाट्यम, ट्रेडिशनल बैंड और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियां, उज्जैन की डमरू महाकाल सवारी, महाराष्ट्र का सुप्रसिद्ध नागपुर ढोल, खड़गपुर की मां काली टीम और ओडिशा के पारंपरिक दल यात्रा के प्रमुख आकर्षण होंगे. छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर और कोरबा की अघोरी टीम, बेंद्री के लोक कलाकारों द्वारा शिव परिवार की प्रस्तुति, दुर्ग और भिलाई के धुमाल दल, रायपुर की राधा रानी धुमाल और महाकाल-अघोरी टीम सहित अनेक दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे.

झांकियां बनेंगी आकर्षण
कांवड़ यात्रा के दौरान शिव परिवार, राम-सीता, हनुमान वानर सेना, मुकुट हनुमान, बाहुबली हनुमान, भगवान परशुराम, जामवंत, भगवान गणेश, सुग्रीव, भोलेबाबा और महाकाल सहित विभिन्न धार्मिक स्वरूप सम्मिलित होंगे. इसके साथ ही राम-सीता दरबार, शिव परिवार, 11 घोड़े और 2 बग्घियां, लाइव सिंगिंग और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां भी यात्रा की भव्यता बढ़ाएंगे.

कांवड़ यात्रा आस्था, संस्कृति और सामूहिक श्रद्धा का विराट उत्सव : राजेश मूणत
विधायक राजेश मूणत ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में रायपुर की जनता और शिवभक्तों ने जिस आत्मीयता से कांवड़ यात्रा को अपनाया है, उसने इस आयोजन को एक विराट धार्मिक जनउत्सव का स्वरूप प्रदान किया है. उन्होंने कहा कांवड़ उठाना केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भगवान भोलेनाथ के प्रति हमारी श्रद्धा, साधना और समर्पण की अभिव्यक्ति है. हमारा प्रयास है कि 23 अगस्त को रायपुर की सड़कों पर शिवभक्ति का ऐसा विराट स्वरूप दिखाई दे, जिसमें हमारी आस्था के साथ भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और लोक परंपराओं की सुंदर झलक भी दिखाई दे.

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live