21 दिन जंगल में लापता रही चीता निर्वात मिली, कॉलर का सिग्नल बंद होने से बढ़ी थी चिंता

Editor
5 Min Read

श्योपुर 
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क से करीब 21 दिन पहले लापता हुई दक्षिण अफ्रीकी से लाई गई मादा चीता निर्वा आखिरकार सुरक्षित मिल गई। उसका सैटेलाइट कॉलर काम नहीं कर रहा था, जिस कारण सिग्नल मिलना बंद हो गया था। कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने चीता प्रोजेक्ट की उपलब्धियों को एक्स पर साझा करते हुए निर्वा की तलाश को बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि कॉलर से सिग्नल नहीं मिलने के बावजूद टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे। करीब 21 दिन तक उसकी लोकेशन की पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी थी।

कॉलर बंद होने से बढ़ी थी चिंता
निर्वा के कॉलर से सिग्नल बंद होने के बाद उसकी निगरानी चुनौती बन गई थी। मानसून के दौरान जंगल में उसकी मौजूदगी और लगातार बदलते मौसम के बीच टीम के सामने उसे खोजने की चुनौती थी। आखिरकार उसकी लोकेशन ट्रेस की गई और उसे सुरक्षित वापस लाया गया।

गायब होने पर दिल्ली तक पहुंची थी शिकायत
निर्वा के लंबे समय तक ट्रेस नहीं होने और कॉलर खराब होने को लेकर वाइल्ड लाइफ वर्कर अजय दुबे ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री तथा एनटीसीए के सदस्य सचिव को लिखित शिकायत भी की थी। शिकायत में मामले की उच्च स्तरीय जांच और कॉलर की तकनीकी खराबी की जांच की मांग की गई थी।

मां से अलग हुए दोनों शावक 
निर्वा के साथ उसके नर और मादा शावक भी रह रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक दोनों शावक अब मां से अलग हो चुके हैं। वन विभाग के अनुसार यह चीतों के प्राकृतिक जीवनचक्र का हिस्सा है। जब शावक शिकार करने और स्वतंत्र रूप से जीवनयापन करने में सक्षम हो जाते हैं, तो वे मां से अलग होकर अपना अलग क्षेत्र तलाशने लगते हैं।

तीन साल पहले भी गायब हो गई थी निर्वा
निर्वा के लिए लापता होना पहली बार नहीं है। जुलाई 2023 में भी वह करीब 22 दिनों तक वन विभाग की निगरानी से बाहर रही थी। उस समय उसकी कॉलर आईडी से सैटेलाइट लोकेशन मिलनी बंद हो गई थी। बाद में करीब छह घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद वन अमले ने उसे सुरक्षित पकड़ लिया था।

राजस्थान के शाहबाद पहुंचा दूसरा चीता, दो बकरियों का किया शिकार
उधर, कूनो पार्क की सरहद लांघ कर पिछले पांच दिनों से राजस्थान के शाहबाद इलाके में देखे जा रहे चीता की गंध का पीछा करते हुए दूसरा चीता भी वहां पहुंच गया है। गुरुवार को दोनों ने दो बकरियों का शिकार किया। वन विभाग की ट्रैकिंग टीमें लगातार उनका पीछा करते हुए उन पर नजर बनाए हुए हैं। उधर कूनो में मादा चीता केजेपी-1 और नर चीता केजीपी-3 के बीच नजदीकियां देखी जा रही हैं। उनके बीच मेटिंग की संभावना जताई जा रही है।

कुत्तों की मौत के मामले में हैंडलर के खिलाफ विभागीय जांच
कूनो में चीतों की निगरानी के लिए लाए गए खोजी कुत्तों बेल्जियम मेलिनोइस प्रजाति के इलू और रूबी की मौत के मामले में हैंडलर के खिलाफ वन विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू की है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों के द्वारा जानकारी दी गई है कि उनके पास अभी इस तरह के ट्रेंड 16 डाग स्कावड की टीमें हैं। जिन्हें जरूरत पड़ने पर पूरे प्रदेश भर में उपयोग किया जाता है।

 

स्निफर डॉग की मौत का मामला भी उठा
शिकायत में कूनो में स्निफर डॉग इलू और रूबी की मौत का मामला भी उठाया गया है। दोनों मामलों में प्रबंधन की कथित लापरवाही की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही कूनो में वन्यजीवों के शिकार के मामलों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग भी की गई है।

निर्वा के सुरक्षित मिलने के बाद फिलहाल चीता प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के लिए यह राहत की खबर है। हालांकि, उसके कॉलर ने सिग्नल क्यों देना बंद किया और इतने दिनों तक उसकी लोकेशन क्यों नहीं मिल सकी, इसे लेकर उठे सवालों का जवाब जांच से ही स्पष्ट होगा।

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live