धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर मंत्री नेताम का बड़ा बयान, शिकायतों पर प्रशासन करेगा त्वरित कार्रवाई

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रायपुर.

छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर चल रही सियासी बहस के बीच कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम का बड़ा बयान सामने आया है। विपक्ष द्वारा नए कानून के लागू न होने और पुराने एक्ट के तहत FIR दर्ज किए जाने के आरोपों पर मंत्री ने साफ किया कि इस तरह की कोई शिकायत होगी, तो प्रशासन प्रमुखता से ध्यान देकर कार्रवाई करेगा।

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के लिए चिंतित है कांग्रेस
वहीं उन्होंने आगे कहा कि ये अच्छी बात है कि कांग्रेस धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के लिए चिंतित है। बहुत जल्दी लागू होगा। भाजपा की सरकार में अच्छे-अच्छे लोग कभी राम मंदिर का नाम नहीं लेते थे वे भी मंदिर जाना शुरू कर दिए। समय के अनुसार उनका परिवर्तित चेहरा दिखाई दे रहा है और उनके मुख से ऐसी बाते की जा रही ये समय का तकाजा है।

यह एक न्यायपूर्ण व निष्पक्ष न्यायशास्त्र का स्थापित सिद्धांत है कि एक बार जब कोई भी कानून पारित हो जाता है, जिसमें कि संविधान विरोधी और दमनकारी प्रावधान हों तो निजी स्वतंत्रता, निजता और स्वायत्तता के मुद्दों में राज्यसत्ता की निगरानी, प्रताड़ना और दखलंदाजी शुरू हो जाती है। यह एक सामूहिक आकार लेते हैं जब इन कानूनों का इरादा ही संप्रदाय निरपेक्ष न होकर बहुसंख्यवादी हो। यही “धर्मांतरण विरोधी“ कानूनों के साथ हो रहा है जो 2020 से एक के बाद एक भाजपा शासित राज्यों में पारित किये जा रहे हैं। सभी को संवैधानिक चुनौती दी हुई है। इससे पहले कि यह आलेख ऐसे प्रतिबंधात्मक विधेयकों की पृष्ठभूमि और इतिहास में जाये, जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों के मुद्दे के पीछे “तथ्य एवं आंकड़ों“ – डाटा – पर ध्यान देना होगा। “जबरन धर्मांतरण“ का मुद्दा बार–बार उछाला जाता है उन संगठनों के जरिये जो आम तौर पर महिलाओं की स्वायत्तता और मर्जी पर राज्यसत्ता का नियंत्रण चाहते हैं। यह इत्तेफाक नहीं है कि यह ताकतें और आवाजें बहुसंख्यवादी और श्रेष्ठतावादी नज़रिये का प्रतिनिधित्व करती हैं। यह नज़रिया जीने के अधिकार, कानून के समक्ष समानता, गैरभेदभाव, आस्था, धर्म व पूजा की स्वतंत्रता के अकाट्य संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ जाता है। इनके वर्तमान में केंद्र में और कई राज्यों में सत्ता में होने के कारण यह संकीर्ण और पक्षपाती रवैया अतिश्योक्तियों में दिख रहा है जबकि इस नज़रिये के पक्ष में कोई विश्वसनीय तथ्य या आंकड़े मौजूद नहीं हैं।

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