जालंधर.
कांग्रेस नेता एवं पंजाब ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के पूर्व डायरेक्टर एडवोकेट रविश कुमार शर्मा द्वारा भेजे गए लीगल नोटिस के बाद पंजाब सरकार हरकत में आई है। रवीश शर्मा ने 18 सितंबर 2026 को पंजाब सरकार को लीगल नोटिस भेजकर सुप्रीम कोर्ट के केस सुखदेव साहा बनाम आंध्र प्रदेश राज्य में दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करने की मांग की थी।
स्कूलों में जरूरी है काउंसलिंग
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को स्कूलों में मेंटल हेल्थ पॉलिसी अपनाने, काउंसलर नियुक्त करने और सुसाइड प्रिवेंशन के उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं। रवीश राज शर्मा ने यह मुद्दा उठाया था कि स्कूलों में विद्यार्थियों की काउंसलिंग के लिए काउंसलर होना जरूरी है ताकि वह बच्चों की मानसिक स्थिति को समझ कर उसे हिसाब से उन्हें गाइड कर सके। उन्होंने यह मुद्दा इसलिए उठाया था कि पिछले समय के दौरान बड़ी गिनती में विद्यार्थियों ने दबाव में आत्महत्या की हैं।
मेंटल हेल्थ को लेकर हरकत में आई सरकार
इस लीगल नोटिस पर संज्ञान लेते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री कार्यालय ने शिक्षा विभाग को कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके बाद पंजाब सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग ने डायरेक्टर, स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग पंजाब, मोहाली को भेजे गए पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि एडवोकेट के जरिए भेजे गए रवीश शर्मा के लीगल नोटिस में दर्शाए गए मामले पर तुरंत अगली जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सीधे संबंधित एडवोकेट और रवीश राज शर्मा को सूचित करते हुए सरकार को भी भेजी जाए।

