हैदराबाद में MEAI Mining 4.0 राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ, अमिताभ मुखर्जी ने स्मार्ट और सस्टेनेबल खनन पर दिया जोर

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हैदराबाद में MEAI Mining 4.0 राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ, अमिताभ मुखर्जी ने स्मार्ट और सस्टेनेबल खनन पर दिया जोर
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हैदराबाद. 
माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमईएआई ) ने आज हैदराबाद में “माइनिंग 4.0: सुरक्षित और सस्टेनेबल खनन कार्यों के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी” विषय पर अपने दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की शुभारंभ की । इस सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि अमिताभ मुखर्जी, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, एनएमडीसी ने उद्योग जगत के प्रमुख, खनन पेशेवरों, शिक्षाविदों तथा वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएमडीसी के निदेशक, तकनीकी एवं एमईएआई हैदराबाद चैप्टर के अध्यक्ष विनय कुमार ने की, इस शुभ अवसर पर जॉयदीप दासगुप्ता, निदेशक (उत्पादन) ,एनएमडीसी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे ।

सम्मेलन के प्रथम दिन इस बात पर विस्तार से चर्चा हुई कि किस प्रकार तकनीक खनन कार्यों को लगातार एक नया रूप दे रही है । विभिन्न सत्रों में खनन सुरक्षा, प्रचालन दक्षता तथा पर्यावरण प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए डिजिटलीकरण, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), जियोस्पेशियल सिस्टम तथा स्मार्ट मॉनिटरिंग तकनीकों के बढ़ते उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमिताभ मुखर्जी ने अपने संबोधन में कहा: “खनन में सुरक्षा का एकमात्र स्वीकार्य आंकड़ा 'शून्य' (जीरो) है । सुरक्षा और सस्टेनेबिलिटी दोनों एक साथ चलने चाहिए तथा तकनीक इन्हें मजबूत करने में हमारी सहयोग कर रही है । आज डिजिटलीकरण एवं ऑटोमेशन खनन कार्यों को बदल रहे हैं, जिससे वे अधिक सुरक्षित, कुशल एवं जिम्मेदार बन रहे हैं । जिस प्रकार से लौह अयस्क, स्टील तथा महत्वपूर्ण खनिजों व क्रिटिकल मिनरल्स की मांग बढ़ रही है, खनन उद्योग के सामने एक बड़ा अवसर प्राप्‍त हो रहा है । इसके साथ ही, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह विकास जिम्मेदार खनन, निरंतर नवाचार (इन्नोवेशन) तथा सभी हितधारकों के लिए मूल्य सृजन व वैल्यू क्रिएशन द्वारा संचालित हो । एमईएआई जैसे सम्मेलन हमें एक-दूसरे से सीखने, नए दृष्टिकोण हासिल करने तथा भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार होने में सहयोग करते हैं ।”

इस सम्मेलन का मुख्य विषय यह भी था कि अनुसंधान और नवाचार को केवल प्रस्तुतियों तक सीमित न रखकर व्यावहारिक खनन कार्यों में लागू किया जाए, ताकि जमीनी पर वास्तविक बदलाव लाया जा सके । उद्घाटन समारोह के समापन पर खनन क्षेत्र और इसके बदलते तकनीकी परिदृश्य में बहुमूल्य योगदान देने वाले पेशेवरों और विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया । सम्मानित होने वाले दिग्गजों में निम्‍नांकित शामिल थे एस. कृष्णमूर्ति ,पूर्व अधिशासी निदेशक, एनएमडीसी तथा पूर्व महासचिव, एमईएआई, अक्षय दत्त त्रिपाठी, पूर्व अधिशासी निदेशक, एनएमडीसी डॉ. के. श्रीनिवास, सेवानिवृत्त प्रतिष्ठित प्रोफेसर, खनन इंजीनियरिंग विभाग, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, गिंडी, अन्ना विश्वविद्यालय, डॉ. के. वी. शंकर, सेवानिवृत्त प्रतिष्ठित प्रोफेसर, खनन इंजीनियरिंग विभाग, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, गिंडी, अन्ना विश्वविद्यालय इस सम्मेलन में अपनी भागीदारी के माध्यम से, एनएमडीसी ने सुरक्षित और अधिक सस्टेनेबल संचालन के लिए नई तकनीकों के उपयोग, नवाचार को बढ़ावा देने तथा जिम्मेदार खनन पद्धतियों को मजबूत करने पर अपना ध्यान केंद्रित किया । 

एनएमडीसी में खानों के प्रबंधन और प्रचालन के उपायों को सुगम व बेहतर बनाने के लिए ऑटोमेटेड ड्रिल, रिमोट सेंसिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म और रियल-टाइम एनालिटिक्स जैसी आधुनिक प्रणालियाँ लागू की जा रही हैं । यह सम्मेलन 13 जून तक भी जारी रहेगा, जिसमें तकनीकी सत्र, विशेषज्ञों के साथ आपसी संवाद तथा खनन के भविष्य को आकार देने वाले उभरते रुझानों व प्रवृत्ति पर चर्चा की जाएगी ।

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