सीएम योगी के निर्देश पर कोचिंग संस्थानों की जांच का महाअभियान

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सीएम योगी के निर्देश पर कोचिंग संस्थानों की जांच का महाअभियान

प्रशासन, प्राधिकरण व फायर सर्विस की संयुक्त टीमों ने किया निरीक्षण, सौ से अधिक संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई

कानपुर के काकादेव में 30 से अधिक कोचिंग संस्थान हुए सील, सुरक्षा मानकों व नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई

लखनऊ,
 लखनऊ में हुए दुखद हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर सभी जनपदों में कोचिंग संस्थानों के निरीक्षण का महाअभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग, प्राधिकरण और विद्युत सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने संयुक्त टीमें बनाकर कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी का निरीक्षण किया। लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, आगरा आदि महानगरों के साथ अन्य जनपदों में भी यह कार्रवाई की गई। इस दौरान अनियमितताएं मिलने पर सौ से अधिक कोचिंग संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई अभी जारी रहेगी।

अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास, भवन की संरचना तथा अन्य मानकों की जांच
लखनऊ में हुई दुःखद घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ सभी जिलों में जांच के सख्त निर्देश दे थे। कुछ जिलों में देर शाम में ही जांच कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। मंगलवार को यह अभियान और तेज रहा। उन कोचिंग संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई जो गैर पंजीकृत थे। टीमों ने विशेष तौर पर अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास, भवन की संरचना तथा अन्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की। जांच का क्रम देर रात तक जारी था। प्रयागराज के मुख्य अग्नि शमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि नगर में 97 पंजीकृत संस्थानों में केवल 15 कोचिंग संस्थानों ने से एनओसी ली है। फायर विभाग ने दस टीमों का गठन किया है, जो लगातार जांच करेंगीं। इसी क्रम में प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने सिविल लाइंस स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग को सील कर दिया। 

कानपुर में पार्किंग को बना दिया बच्चों का क्लासरूम, फायर एनओसी भी वैध नहीं
कानपुर विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते और अग्निशमन अधिकारियों ने कोचिंग संस्थानों में मानकों के अनुपालन की जांच का काम सोमवार शाम से ही शुरू कर दिया था। मंगलवार शाम तक यहां के सबसे बड़े शैक्षणिक हब काकादेव में 30 से अधिक संस्थानों को सील कर दिया गया। इन सभी को सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का दोषी पाया गया। सबसे गंभीर उल्लंघन भवनों के बेसमेंट में पाया गया, जिनका आवंटन सिर्फ पार्किंग के लिए था, लेकिन वहां अवैध रूप से सैकड़ों बच्चों के बैठने के लिए क्लासरूम बना दिए गए थे। मीरजापुर में भी लगभग एक दर्जन संस्थान सील किए गए। 

वाराणसी में भी मिली अग्नि सुरक्षा मानकों की कमी, जौनपुर और चंदौली में भी जांच
वाराणसी  विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने बनारस में भी सोमवार से ही कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों की जांच शुरू कर दी। इस दौरान कई संस्थानों को सील किया गया है। कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के मानकों का उल्लंघन पाया गया है। जौनपुर और चंदौली में जांच की जा रही है। वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने बताया कि कई कोचिंग सेंटर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं निर्धारित भवन मानकों के विपरीत संचालित किए जा रहे थे, उन्हें सील किया गया।

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