सूरज की रोशनी से रोशन हुआ मनोज का घर, बिजली बिल हुआ शून्य

Editor
7 Min Read

रायपुर

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना देश के परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के साथ बिजली खर्च में राहत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास है। योजना का लक्ष्य एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर स्थापित कर परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का है। योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर संयंत्र स्थापित करने के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता भी दी जाती है।
इस योजना का लाभ लेकर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम कुड़कई निवासी  मनोज कुमार कश्यप ने अपने घर को सौर ऊर्जा से रोशन किया है। करीब तीन महीने पहले उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराया। इसके बाद उनके परिवार के बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई और वर्तमान में उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।

पहले हर महीने 1,300 रुपये आता था बिजली बिल

 मनोज कुमार कश्यप बताते हैं कि सोलर पैनल लगवाने से पहले उन्हें हर महीने लगभग 1,300 रुपये बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था। घरेलू बजट में बिजली बिल की यह राशि नियमित खर्च का हिस्सा थी। सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद स्थिति बदल गई। अब घर की बिजली जरूरतों का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा हो रहा है और उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।

इतना ही नहीं, सोलर पैनल से घर की आवश्यकता से अधिक बिजली बनने पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा रही है। इसके परिणामस्वरूप उनके बिजली खाते में माइनस बिल की स्थिति भी बनी है। यानी सौर ऊर्जा ने उनके लिए केवल बिजली खर्च कम करने का माध्यम ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त बिजली उत्पादन का अवसर भी तैयार किया है।

ऋण और सब्सिडी ने सौर ऊर्जा अपनाना बनाया आसान

 मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने घर में सोलर पैनल स्थापित कराने के लिए बैंक से ऋण लिया। योजना के तहत केन्द्र एवं राज्य सरकार से मिलने वाली सब्सिडी की राशि भी उनके बैंक खाते में प्राप्त हो चुकी है। केन्द्र सरकार की योजना में पात्र आवासीय उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर स्थापना के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। 

सब्सिडी मिलने से सोलर सिस्टम स्थापित करने में होने वाला वित्तीय भार कम हुआ और  मनोज के लिए स्वच्छ ऊर्जा को अपनाना अधिक सुविधाजनक बना। वे कहते हैं कि सौर ऊर्जा अपनाने का निर्णय उनके परिवार के लिए आर्थिक रूप से राहत देने वाला साबित हुआ है।

बिजली खर्च से राहत के साथ स्वच्छ ऊर्जा में योगदान

 मनोज कुमार कश्यप के लिए सोलर पैनल केवल बिजली बिल कम करने का साधन नहीं है। घर की छत पर स्थापित संयंत्र के माध्यम से उनका परिवार स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन में भी योगदान दे रहा है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का व्यापक उद्देश्य भी घरेलू स्तर पर रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देना और परिवारों को अपनी बिजली जरूरतों के लिए सौर ऊर्जा उत्पादन से जोड़ना है। 

 मनोज कुमार कहते हैं कि पहले हर महीने बिजली बिल की चिंता रहती थी, लेकिन अब सोलर पैनल लगने के बाद बिजली खर्च में बड़ी राहत मिली है। अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जाने से उन्हें यह भी महसूस होता है कि उनके घर की छत अब केवल रहने का हिस्सा नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादन का माध्यम भी बन गई है।

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विजन का स्थानीय उदाहरण

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को घरेलू रूफटॉप सोलर को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू किया है। केन्द्र सरकार के अनुसार योजना के लिए 75,021 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इसका लक्ष्य एक करोड़ आवासीय परिवारों तक रूफटॉप सोलर का लाभ पहुंचाना है। योजना में अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर उससे लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था भी शामिल है। 

ग्राम कुड़कई के  मनोज कुमार कश्यप की कहानी इसी व्यापक पहल के स्थानीय प्रभाव को सामने लाती है। जहां पहले उनके परिवार को हर महीने लगभग 1,300 रुपये बिजली बिल के रूप में खर्च करने पड़ते थे, वहीं अब वही परिवार अपने घर की छत से बिजली पैदा कर रहा है और बिजली बिल शून्य होने का अनुभव कर रहा है।

छत्तीसगढ़ में योजना के लाभ को घर-घर पहुंचाने की दिशा में प्रयास

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में केन्द्र की जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से प्रदेश में भी परिवारों को रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मनोज कुमार कश्यप का अनुभव बताता है कि जब योजना का लाभ वास्तविक हितग्राही तक पहुंचता है, तो उसका असर सीधे परिवार के मासिक बजट और जीवनशैली में दिखाई देता है।

 मनोज कुमार कश्यप ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। उनके लिए सोलर पैनल अब बिजली खर्च से राहत, स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता इन तीनों का माध्यम बन गया है।

मनोज की छत से दिख रही आत्मनिर्भर ऊर्जा की तस्वीर

कुड़कई के  मनोज कुमार कश्यप के घर की छत पर लगे सोलर पैनल बदलते ऊर्जा परिदृश्य की एक तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। एक ओर परिवार को बिजली बिल में राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर घर स्वयं बिजली उत्पादन कर रहा है और जरूरत से अधिक ऊर्जा ग्रिड में भेज रहा है।

यह सफलता की कहानी बताती है कि सरकारी योजना का लाभ जब परिवार की जरूरत और स्थानीय परिस्थितियों से जुड़ता है, तो उसका प्रभाव केवल आर्थिक बचत तक सीमित नहीं रहता। वह परिवार को नई तकनीक अपनाने, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी देता है।

 

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live