नंदीग्राम उपचुनाव में बड़ा ट्विस्ट, ममता गुट की प्रत्याशी ने वापस लिया नाम; शुभेंदु से मुलाकात के बाद फैसला

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कोलकाता

ममता बनर्जी की पार्टी, ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नंदीग्राम सीट से अपना नामांकन वापस ले लिया है. ये ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. नामांकन प्रक्रिया अब खत्म हो चुकी है, ऐसे में अब ममता टीएमसी नंदीग्राम उपचुनाव नहीं लड़ पाएगी। बीजेपी के सूत्रों ने बताया कि ममता गुट की नंदीग्राम उम्मीदवार संचिता प्रधान डे नेशाम कोलकाता में सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी, जिसके बाद उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया। 

उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने पर ममता बनर्जी ने कहा कि ये लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है. उद्धव ठाकरे की पार्टी को भी ऐसे ही तोड़ा गया. चुनाव आयोग का फैसला असंवैधानिक है. राजनीतिक बदले की भावना से ये कार्रवाई की गई है. बीजेपी ने चुनाव को हाइजैक किया है. बीजेपी का काम संविधान को खत्म करने का है. लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन नहीं किया गया। 

ममता ने कहा कि बीजेपी ने मेरी पार्टी को खत्म करने की बात कही थी. उन्होंने SIR के नाम पर शुरुआत की और फिर चुनावों को हाईजैक कर लिया. बीजेपी ने AI के ज़रिए वोटरों के नाम हटा दिए. बिहार, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में वोट लूटे. बीजेपी एक 'जुमला पार्टी' है. ममता ने कहा कि उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी के साथ भी ऐसा ही किया था। 

हालांकि, संचिता ने किस वजह से अपनी उम्मीदवारी वापस ली, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में नंदीग्राम की सियासत में इस फैसले के मायने तलाशे जा रहे हैं। 

टीएमसी के बंटवारे के बीच नंदीग्राम में नया मोड़
यह पूरा घटनाक्रम टीएमसी के दोनों गुटों को नाम और सिंबल आवंटन के बीच आया है. चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को 'Mamata All India Trinamool Congress' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिह्न दिया है. वहीं, अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट को 'Democratic Trinamool Congress' नाम और 'लिफाफा' चुनाव चिह्न मिला है। 

आयोग ने दोनों गुटों को आगामी उपचुनाव के लिए पुराने 'All India Trinamool Congress' नाम और 'जोड़ा घास फूल' वाले चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया था। 

नंदीग्राम उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया था. 13 सितंबर को उनके नाम का ऐलान किया गया था. वहीं बीजेपी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है. वह शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं. ऋतब्रत गुट की ओर से मोहम्मद एतेशामुल हक मैदान में हैं. कांग्रेस और वाम मोर्चे ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं। 

उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को होना है मतदान
बता दें कि राज्य की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है. नतीजे 9 अक्टूबर हो जारी होंगे. राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी. बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ने का फैसला किया, जिससे यह सीट रिक्त हुई. वहीं एजेयूपी (AJUP) नेता हुमायूं कबीर ने नौदा और रेजीनगर दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसके बाद उन्होंने रेजीनगर सीट से इस्तीफा दे दिया था. इसके चलते नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। 

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