चंडीगढ़.
पंजाब में माता-पिता का साया खो चुके और परिवार की देखभाल से वंचित बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता का दायरा मजबूत किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में आश्रित एवं अनाथ बच्चों के लिए सरकार ने 432.38 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
इसमें से अब तक 181.23 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। विभाग के अनुसार, इस योजना का लाभ प्रदेश के करीब 2.45 लाख बच्चों को मिल रहा है। सरकार का कहना है कि बच्चों को आर्थिक सहायता समय पर उपलब्ध करवाना प्राथमिकता है, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण उनकी पढ़ाई और भविष्य की तैयारियों पर असर न पड़े।
21 साल से कम उम्र के बच्चों को लाभ
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद से बच्चों की शिक्षा, रोजमर्रा की जरूरतों और भविष्य की तैयारियों में सहायता मिल रही है। सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि पात्र बच्चों को समय पर सहायता मिलती रहे। योजना में 21 वर्ष से कम आयु के उन बच्चों को शामिल किया गया है, जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा ऐसे बच्चे भी योजना के दायरे में आते हैं, जिनके माता-पिता दोनों घर से अनुपस्थित हैं अथवा शारीरिक या मानसिक रूप से असमर्थ होने के कारण उनकी देखभाल करने की स्थिति में नहीं हैं।
पढ़ाई और सपनों पर नहीं पड़ेगा आर्थिक असर
डॉ. बलजीत कौर के अनुसार, सरकार का उद्देश्य आर्थिक मजबूरी के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई और उसके सपनों पर असर नहीं पड़ने देना है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना केवल तत्काल जरूरत पूरी करना नहीं, बल्कि उनके भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में निवेश है। सरकार के अनुसार, योजना के माध्यम से बच्चों को शिक्षा जारी रखने और आवश्यक जरूरतें पूरी करने में सहारा मिल रहा है। आने वाले समय में भी पात्र बच्चों तक सरकारी सहायता पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि परिवार की कमी के बावजूद उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें।

